भीम आर्मी भारत एकता मिशन के भीतर कलह शुरू हो गई है, मैनपुरी से आए विजय कुमार आजाद ने दावा किया है कि वह भीम आर्मी के मुख्य ट्रस्टी हैं और चंद्रशेखर आजाद और उनके सहयोगियों को पदमुक्त कर दिया गया है। उधर, भीम आर्मी के राष्ट्रीय महासचिव कमल वालिया का कहना है कि गलत बयानबाजी कर समाज को गुमराह करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराएंगे।
शुक्रवार को भीमपुत्र विजय कुमार आजाद और उनके साथी सहारनपुर पहुंचे। यहां आंबेडकरपुरम स्थित बामियान बौद्ध विहार में पत्रकारों से बातचीत में विजय कुमार आजाद ने बताया कि भीम आर्मी भारत एकता मिशन एक पंजीकृत सामाजिक संगठन है। इस ट्रस्ट/संगठन की स्थापना 23 अप्रैल 2015 को की गई थी। इसके बाद सहारनपुर जनपद में आकर संगठन में पदाधिकारी बनाए गए थे।
उन्होंने बताया कि संगठन का पंजीकरण मैनपुरी जनपद के रजिस्ट्रार कार्यालय में गत 11 अप्रैल 2019 को पुख्ता रूप में हुआ है, जिसकी पंजीकरण संख्या 30 मिली है। विजय कुमार आजाद का कहना है कि मैं इसका मुख्य ट्रस्टी हूं और संगठन के सभी अधिकार मेरे पास निहित हैं। संगठन का मुख्य उद्देश्य सामाजिक व आर्थिक परिवर्तन करना, गरीबों असहायों की मदद करना, भविष्य में अनाथ बच्चों एवं वृद्धों के लिए आश्रम खोलना, महिलाओं बच्चों एवं बुजुर्गों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना, आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना, देशभर में बहुजन समाज पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ संवैधानिक रूप से आंदोलन करना है। उन्होंने कहा कि भीम आर्मी में संस्थापक नाम का कोई पद नहीं है।
उन्होंने बताया कि संगठन की नई सिरे से कार्यकारिणी गठित कर दी गई है, जिसमें रामप्रकाश बौध को राष्ट्रीय संरक्षक, राकेश कुमार दिवाकर को राष्ट्रीय अध्यक्ष, सुखराम आदिवंशी को राष्ट्रीय प्रवक्ता, अमरेश आनंद को राष्ट्रीय संगठन मंत्री, रामकुमार गौतम को राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इनके अलावा उपकार बावरा को राष्ट्रीय संयोजक मनोनीत किया गया है। खास बात यह है कि विजय कुमार आजाद ने दावा किया कि चंद्रशेखर आजाद, विनय रतन, कमल वालिया, मंजीत नौटियाल को पदमुक्त कर दिया गया है। इस दौरान मोनू कुमार आजाद जिलाध्यक्ष मैनपुरी, नरेंद्र बौद्ध, जितेंद्र सिंह मुजफ्फरनगर, रोहित चंद्रा, ओपेंद्र, बबलू कुमार आदि मौजूद रहे।