मानसून की विदाई से पहले बारिश
मानसून की विदाई का समय नजदीक आने के बीच बारिश का यह दौर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सितंबर में मानसून कमजोर पड़ने और धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिमी हिस्सों से इसकी वापसी शुरू होने की प्रक्रिया रहती है। ऐसे में बारिश का यह दौर किसानों के लिए राहत लेकर आया है।
हालांकि मानसून की वापसी किसी एक दिन में नहीं होती। मौसम की परिस्थितियों के आधार पर इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से भी मानसून की वापसी को लेकर अलग से निगरानी और पूर्वानुमान जारी किया जाता है।
किसानों के लिए बारिश बनी राहत
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी। गन्ने समेत खरीफ फसलों को इसका फायदा मिल सकता है। जिन खेतों में सिंचाई की जरूरत थी, वहां बारिश के कारण पानी की आवश्यकता कुछ कम होगी। मिट्टी में नमी बने रहने से फसलों की बढ़वार को भी फायदा मिल सकता है। खासकर गन्ने की फसल के लिए इस समय पर्याप्त नमी उपयोगी मानी जा रही है।
तापमान में रहेगी नरमी
बादल और बारिश के कारण दिन के तापमान में फिलहाल नरमी बनी रहने की संभावना है। मेरठ के लिए मौसम विभाग के पूर्वानुमान में दो सितंबर को अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री रहने का अनुमान है। अगले दिनों में भी बादलों के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।
जलभराव और उमस बढ़ने का भी खतरा
सितंबर की शुरुआत में हुई बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए भी यह राहत लेकर आई है। हालांकि बारिश तेज और लगातार हुई तो जलभराव, फसल गिरने और उमस बढ़ने जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल वेस्ट यूपी में मौसम का बदला मिजाज लोगों और किसानों के लिए राहत के साथ सावधानी का भी संकेत दे रहा है।