मेरठ। पिछले दो दिनों से बारिश हो रही है। इस बीच मौसम में अचानक आई ठंडक और बढ़ी नमी से संक्रमणजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बदलता मौसम सर्दी-खांसी, बुखार, गले में खराश और त्वचा रोग जैसी समस्याओं को बढ़ाएगा। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अब और बढ़ सकती है।
बारिश के बाद जमा पानी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों के आसपास पानी न जमा होने देने और मच्छरदानी के उपयोग की अपील की है। फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि मौसम बदलते वक्त शरीर की रोग प्रति रोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। इस समय पानी या खुले में रखे खाने से बचना चाहिए क्योंकि बैक्टीरियल संक्रमण तेजी से फैलते हैं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि मौसम में अचानक आई ठंडक से बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। रोग प्रतिरोधक कमजोर होने के कारण सर्दी-खांसी, वायरल फीवर और एलर्जी जैसी तकलीफें बढ़ जाती हैं। जिन लोगों को अस्थमा या सांस से जुड़ी समस्या है। उनके लिए यह मौसम परेशानी बढ़ा सकता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कटारिया का कहना है कि दो दिन से तापमान में गिरावट आई है। नमी बढ़ने से हवा में बैक्टीरिया और वायरस ज्यादा देर तक टिके रहते हैं। इस वजह से संक्रमण जल्दी फैल जाते हैं। लोगों को हाथ धोने, गर्म पानी पीने और ठंडे पेय से बचने की सलाह दी जाती है।
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ये बरतें सावधानी
भीगने से बचें, भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें और शरीर को सुखाएं।
बच्चों को बारिश के पानी में खेलने से रोकें।
घर के आसपास जमा पानी को तुरंत हटाएं।
गुनगुना पानी और सूप जैसी गर्म चीजें लें ताकि शरीर का तापमान संतुलित रहे।
बुजुर्ग, शुगर और हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीज इस दौरान अपनी दवाओं का कोर्स नियमित रखें।