उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रटौल इलाके में मंगलवार सुबह सितंबर के महीने में दिसंबर जैसा घना कोहरा देखा गया। घने कोहरे के कारण सूरज की किरणें भी धरती तक नहीं पहुंच पाईं। इस अप्रत्याशित मौसम बदलाव से जनजीवन प्रभावित हुआ।
क्षेत्र में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर बूंदाबांदी हो रही थी। इसी बूंदाबांदी के चलते मंगलवार सुबह मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। पूरे इलाके में कोहरे की चादर इतनी घनी थी कि दृश्यता बहुत कम हो गई।
ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई। चालकों को अपनी गाड़ियों की लाइट जलाकर धीरे-धीरे आगे बढ़ना पड़ा। खेतों में चारा लेने निकले ग्रामीण और सुबह की सैर पर गए लोग ठंड महसूस करने लगे। लोगों ने अचानक बढ़ी ठंड से बचने के लिए अपने सिर पर कपड़े ओढ़ लिए। यह नजारा आमतौर पर दिसंबर के महीने में देखने को मिलता है।
असामान्य मौसम का कारण
पिछले दो दिनों से हो रही बूंदाबांदी को इस मौसम परिवर्तन का मुख्य कारण माना जा रहा है। सितंबर में आमतौर पर ऐसा घना कोहरा नहीं पड़ता है। अचानक हुई बूंदाबांदी के बाद तापमान में गिरावट आई। इससे वातावरण में नमी बढ़ गई और घना कोहरा छा गया। यह स्थिति स्थानीय लोगों के लिए काफी आश्चर्यजनक थी।
यातायात पर असर
घने कोहरे के कारण ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। चालकों को कम दृश्यता में वाहन चलाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। दुर्घटनाओं से बचने के लिए वाहनों की गति धीमी करनी पड़ी। खेतों में काम करने वाले और सुबह की सैर पर निकले लोगों को भी ठंड का एहसास हुआ। उन्हें सामान्य से अधिक ठंड महसूस हुई और उन्होंने खुद को गर्म रखने के लिए कपड़े ओढ़े।