मेरठ। सितंबर खत्म होने को है, मगर पारा 37 डिग्री के आसपास है। लोग गर्मी और उमस में परेशान हैं। एसी चलाएं तो कोरोना का डर है, न चलाएं तो डेंगू - चिकनगुनिया और वायरल बुखार का खौफ। लोग उलझन में हैं कि इस समस्या से पार पाएं तो कैसे?
बारिश न होने की वजह से कुछ इस प्रकार का वातावरण बना कि गर्मी के साथ उमस ने लोगों को सितंबर माह में अभी तक हाल बेहाल किया हुआ है। वहीं डेंगू के मरीज भी मिलने लगे हैं। फिजिशियन डॉ तनुराज सिरोही का कहना है कि इस तरह के जलवायु में वायरल बुखार के मामले सबसे ज्यादा हैं। बड़ों के साथ-साथ बच्चों को भी वायरल बुखार होने का खतरा होता है। सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए। पानी और अन्य पेय पदार्थों का खूब सेवन करना चाहिए। सिंगल एसी 24 डिग्री पर चला सकते हैं। सेंट्रल एसी नुकसानदेह हो सकते हैं।
फिजिशियन डॉ वीके बिन्द्रा ने बताया कि खान पान पर ध्यान देने की जरूरत है। पौष्टिक आहार लेना चाहिए, इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पर्याप्त पानी पीना चाहिए। ठंडे पदार्थों का सेवन से बचें। अगर सिर दर्द या बुखार महसूस हो तो अपनी मर्जी से दवा न लें। विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह से ही लें। सुबह की सैर के साथ-साथ बदलते मौसम में नियमित योग करना चाहिए।
सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ वीरोतम तोमर ने बताया कि ऐसे मौसम में कई बार खांसी फेफड़ों से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इससे पीड़ित मरीज को रोजाना भाप लेने के साथ नमक मिले गुनगुने पानी से गरारे करना चाहिए। अपने आसपास किसी तरह की गंदगी न फैलने दें।
मौसम का हाल (डिग्री सेल्सियस में)
तारीख अधिकतम न्यूनतम
25 सितंबर 35.6 24.9
24 सितंबर 34.1 24.1
23 सितंबर 35 25.6
22 सितंबर 35.4 25.8
21 सितंबर 37 26.5
20 सितंबर 36.2 25.6