झाड़ियों से पटा अपर दौराला रजवाहा
मेरठ। दशहरे पर बंद की गई गंगनहर में दिवाली की रात को पानी छोड़ दिया और बुधवार शाम को मुरादनगर तक आ जाएगा। लेकिन सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते नहर और रजबहे साफ नहीं हो पाए है। इस कारण किसान पानी का पूरा लाभ नहीं उठा पाएंगे और रबी की फसल भी इससे प्रभावित होगी। किसानों का कहना है कि नहर और रजबहों की सफाई हाे जाती तो खेतों तक पानी पहुंच जाता तो बुवाई लेट हो जाएगी। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि अभी रजबहों की सफाई में 15 दिन और लगेंगे।
दरअसल, हरिद्वार भीम गोड़ा से निकलकर मेरठ और अनूपशहर गंगनहर शाखा से किसान खेतों की सिंचाई करते हैं। पिछले दिनों जुलाई, अगस्त और सितंबर में बरसात के दौरान नहर और रजबहों में सिल्ट जमा हो गई है। सिंचाई विभाग ने नहर और रजबहों की सफाई और मरम्मत के लिए सितंबर माह में लगभग 2.37 करोड़ का ठेका छोड़ा गया। संबंधित फर्म को 22 दिन के भीतर यह कार्य पूरा करना था, लेकिन रजबहों की सफाई का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाएगा और रबी की फसल की बुवाई करीब 20 दिन देरी से हो पाएगी। नहर और रजबहों की सफाई के लिए हर साल दशहरे से दिवाली तक नहर बंद की जाती है। इस बार भी दो अक्तूबर को हरिद्वार भीमगोड़ा से पानी बंद कर दिया था।
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- किसानों की न सरकार को फिक्र है और न अधिकारियों को। नहर सफाई न होने से गेहूं की बुवाई लेट हो रही है। सभी किसान मिलकर अधिकारियों को घेरने का काम करेंगे। - अनुराग चौधरी, जिलाध्यक्ष, भाकियू।
- हर साल नवंबर में दीपावली होती थी। इस बार अक्तूबर में हुई है। इसका असर गेहूं की बुवाई पर भी पड़ेगा। रजबहों की सफाई चल रही है। पूरा होने में कम से कम 15 दिन लगेंगे। सफाई के साथ साथ मरम्मत के कार्य भी चल रहे हैं। हरिद्वार से नहर में पानी छोड़ दिया गया है।
-विकास त्यागी, अधिशासी अभियंता,मेरठ खंड गंगनहर मेरठ।