कालागढ़। रामगंगा बांध के जलाशय का जलस्तर खतरे के निशान की तरफ बढ़ रहा था, ऐसे में शुक्रवार को बांध से पानी की निकासी शुरू कर दी गई। हालांकि पानी छोड़ने से पहले सात जिलों को बाढ़ का अलर्ट भेज दिया गया।
रामगंगा बांध मंडल के अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार झा ने बिजनौर, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर व फर्रूखाबाद के डीएम को दी, जिसमें रामगंगा बांध के जलग्रहण व पहाड़ी क्षेत्रों में हुई वर्षा से बांध के जलाशय का जलस्तर 358 मीटर पहुंचने की प्रबल संभावना है। बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति में आगाह किया गया।
बांध से शुक्रवार की शाम चार बजे से 5000 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। 29 अगस्त को दोपहर दो बजे जलाशय का जलस्तर 357.300 मीटर रहा।
जून के माह में ही चेता दिया गया था
कालागढ़ के बांध के अधिकारियों ने जून के माह में ही सातों जनपदों के डीएम को बाढ़ से पहले ही प्रभावित क्षेत्रों से अवैध कब्जों को हटाने के लिए चेताया था। बांध से पानी की निकासी के समय धन जन की हानि से बचा जा सके।
इन सालों में किया गया बाढ़ का सामना
अधिकारियों का कहना है कि कालागढ़ के रामगंगा बांध से 1978, 1990, 2010 में बाढ़ का सामना करना पड़ा था। 2010 में तो बांध से दो लाख क्यूसेक पानी की निकासी की गई थी।
क्या होता है निकासी का नियम
बाढ़ के समय बांध से 25 से 75 हजार, मध्यम बाढ़ में 75 हजार से 1,25000, उच्च बाढ़ में 1,75000 क्यूसेक व अंकन सूची बाढ़ के दौरान इससे भी अधिक जल की निकासी की जा सकती है। वर्तमान में जलाशय के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए 5000 क्यूसेक पानी की ही निकासी के आदेश जारी किए गए हैं।