फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सड़कों में खपे 20 करोड़, गड्ढे जस के तस, सपना रह गया अधूरा

Sat, 02 Sep 2017 10:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
महानगर की सड़कों का बुरा हाल है। जिस मार्ग पर चले जाओ वहां आपको गड्ढे ही नजर आएंगे। विभागों की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण मुख्यमंत्री का गड्ढा मुक्त सड़कों का सपना अधूरा ही रह गया। दो माह पहले बनाई गईं सड़कें भी टूट गई हैं। करीब 20 करोड़ रुपये के बजट में भी सड़कें दुरुस्त नहीं हुई हैं।
विज्ञापन


नगर निगम प्रशासन ने जून में बजट प्रस्ताव पास करके शहर की 59 से अधिक सड़कें को गड्ढा मुक्त करने का दावा किया था। कुछ ठीक कराई गईं सड़कों की सूची भी शासन को भेजी थी। नगर निगम चीफ इंजीनियर कुलभूषण वार्ष्णेय ने सभी सड़कों को 15 जून से पहले ही गड्ढा मुक्त किए जाने का दावा किया था। लेकिन अभी भी कई ऐसी सड़कें हैं जहां नगर निगम की टीम पहुंची ही नहीं है। 

मुख्य मार्ग और जिम्मेदार विभाग
एल ब्लॉक से तेजगढ़ी चौराहा तक सड़क को नगर निगम ने कराया गड्ढा मुक्त। 
जेलचुंगी चौराहा से एलआईसी कमिश्नर आवास चौराहा तक नगर निगम ने कराया सड़क को ठीक। 
बच्चा पार्क से पश्चिम कचहरी मार्ग को नगर निगम ने ठीक कराया।
जिला कोआपरेटिव बैंक के बराबर में नाले की पटरी पर एमडीए द्वारा सड़क को बनवाने का था प्रस्ताव,
एसएसपी आवास के सामने वैजल भवन, सिंचाई विभाग- मवाना अड्डे तक एमडीए को कराना था गड्ढा मुक्त। 
सर्किट हाउस से विक्टोरिया पार्क , पुलिस लाइन के सामने सूरजकुंड नाले तक एमडीए को कराना था गड्ढा मुक्त। 
रोहटा रोड को बनवाने के लिए पीडब्लूडी ने बनाया था प्रस्ताव।

कभी भी हो सकता है हादसा 
महानगर की शायद ही ऐसी कोई सड़क है जिसमें गड्ढे न हों। रात के अंधेरे में ही नहीं बल्कि दिन के उजाले में भी ये सड़क खतरनाक हैं। शहर की अधिकतर वह सड़कें जिनको गड्ढा मुक्त कराने का दावा करने में नगर निगम, पीडब्लूडी, आवास विकास, एमडीए के अधिकारी थक नहीं रहे हैं, जबकि सच्चाई शहर की जनता के सामने है। कई सड़कें तो पैदल चलने योग्य भी नहीं हैं। कई ऐसी सड़कें भी है जिनको लेकर नगर निगम, एमडीए और पीडब्लूडी आपसी में ही झगड़ रहे हैं। जिनमें एक सड़क दिल्ली रोड से सरस्वती लोक मार्ग, रोहटा रोड, बागपत रोड है। सरस्वती लोक की सड़क को जहां गड्ढा मुक्त करने की जिम्मेदारी से सभी विभाग बचते रहे हैं, वहीं अब इसको बनाने के लिए न तो नगर निगम आगे आ रहा है और न ही एमडीए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें