संवाद न्यूज एजेंसी
झिंझाना। चौसाना का बिजलीघर इन दिनों अपनी जर्जर बिल्डिंग और टपकती छत के कारण स्थानीय उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के लिए खतरे का घर बन गया है। बरसात के मौसम में छत से लगातार पानी टपकने से लाखों रुपये की मशीनें और विद्युत उपकरण भीगने से खराब होने के कगार पर हैं। फिलहाल मशीनों को पॉलिथीन डालकर पानी से बचाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह उपाय नाकाफी साबित हो रहा है।
लगातार हो रही बारिश से पुरानी और टूटी-फूटी छत से पानी सीधे मशीनों पर गिरता है। कर्मचारियों ने बताया कि महंगी मशीनों को पॉलीथीन में ढककर अस्थायी बचाव किया जा रहा है, लेकिन खतरा टला नहीं है। कई बार मशीनों में चिंगारी उठने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते बिल्डिंग का पुनः निर्माण नहीं कराया, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
कर्मचारियों का कहना है कि टपकते पानी के बीच काम करना बेहद खतरनाक है। तेज बारिश के दौरान पानी सीधे मशीनों पर गिरता है, जिससे शॉर्ट सर्किट, आग या विस्फोट जैसी घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। कई बार उच्चाधिकारियों को मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन सिर्फ आश्वासन के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जेई आजम अकबर ने बताया कि बरसात में पानी टपकने और छत की जर्जर स्थिति के बारे में उच्चाधिकारियों को पहले ही अवगत करा दिया गया है
एसडीओ अनिल कुमार ने बताया कि जर्जर बिल्डिंग की स्थिति के बारे में जनपद विद्युत खंड सहारनपुर को लिखित रूप से अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक वहां से कोई जवाब नहीं आया है।