लड़की के परिजनों द्वारा उम्र के संबंध में दिए गए प्रमाणपत्र टीम को जांच में फर्जी मिले जिसके बाद सीडब्ल्यूसी ने शादी पर रोक का फरमान जारी कर दिया। इस बीच कलक्ट्रेट पहुंचे लड़की के परिजनों और सीडब्ल्यूसी के बीच नोकझोंक हुई।
परिजन शादी को लेकर दबाव बना रहे थे तो वहीं सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष महेश शर्मा, सदस्य अनीता राणा, राजेंद्र सिंह ने दस्तावेजों की सत्यता पर सवाल खड़ा कर दिया। 25 नवंबर तक शादी को टालने के लिए सीडब्ल्यूसी ने पत्र जारी किया।
डीपीओ ने बताया कि थाना टीपी नगर पुलिस को नाबालिग की शादी रुकवाने के संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं। प्रोबेशन विभाग की टीम नजर रखे हुए है। वहीं, एसओ टीपीनगर दिनेश कुमार का कहना है कि लड़की नाबालिग बताई गई है। उच्च अधिकारियों ने शादी रुकवाने के निर्देश दिए हैं। यदि जबरन शादी की गई तो पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी।