स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारी में पंचस्थानी निर्वाचन कार्यालय जुटा हुआ है। फिलहाल जहां वार्ड परिसीमन का काम ही पूरा नहीं हो पा रहा है, वहीं उसके बीच आरक्षण की प्रस्तावित सूची भी तैयार करने की कवायद है। इसमें पहले वार्ड परिसीमन और फिर उनका आरक्षण होगा तो बाद में निकायों के अध्यक्ष पदों का आरक्षण तय होगा। वार्ड परिसीमन के बाद बनने वाली भौगोलिक स्थिति से जहां दावेदार असमंजस में है, तो आरक्षण ने सांसे ही अटका रखी हैं।
पहली बार 16 निकायों में होगा चुनाव
जनपद में अब तक 13 निकायों में चुनाव होता रहा है। इनमें एक नगर निगम, दो नगर पालिका और दस नगर पंचायतें थी। लेकिन इस बार तीन नई नगर पंचायतों का गठन हुआ है। इनमें शाहजहांपुर, हर्रा और खिवाई शामिल हैं। ऐसे में इस बार 13 नगर पंचायतों में चुनाव होना है।
नई नगर पंचायत पुरानी से बड़ी
इस बार जिन तीन नई नगर पंचायतों में चुनाव होने जा रहा है, भले ही अब तक वह ग्राम पंचायत रही हों। लेकिन जनसंख्या के हिसाब से पुरानी कई नगर पंचायतों से बड़ी हैं। 2011 की जनसंख्या आंकड़ों के अनुसार शाहजहांपुर की जनसंख्या 17076, हर्रा की 20,220 और खिवाई की 21,023 है। जबकि परीक्षितगढ़ जो कि जनपद की सबसे पुरानी नगर पंचायत है, उसकी जनसंख्या 19830 है।
सिर्फ नगर निगम में बढ़ रहे वार्ड
स्थानीय निकायों के वार्ड परिसीमन में सिर्फ नगर निगम मेरठ के वार्डों का परिसीमन कर उन्हें बढ़ाया जा रहा है। इस वक्त नगर निगम में 80 वार्ड हैं, लेकिन अब उन्हें 90 किया जा रहा है। बाकी सभी निकायों में पुरानी स्थिति ही कायम है। इसमें नगर पालिका मवाना और सरधना में 25-25 वार्ड हैं। जबकि नगर पंचायतों में सिवालखास, लावड़ और दौराला में 14-14, खरखौदा और करनावल में 12-12, किठौर, हर्रा, खिवाई और हस्तिनापुर में 15-15, शाहजहांपुर, परीक्षितगढ़ और फलावदा में 13-13 तथा बहसूमा में 11 वार्ड हैं।
आरक्षण पर अटकी है सांसे
नगर निगम और नगर पालिकाओं का आरक्षण शासन स्तर से तय होगा। लेकिन जातिगत और चक्रानुक्रम जो भी स्थिति लागू होती है, उसकी प्रस्तावना जिला निर्वाचन कार्यालय से होकर जाएगी। जबकि वार्डों और नगर पंचायतों का आरक्षण जिला निर्वाचन कार्यालय से ही तय होगा। ऐसे में सभी दावेदारों की स्थिति आरक्षण को लेकर अटकी हुई। मेरठ नगर निगम में महापौर का पद आज तक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नहीं हुआ है। ऐसे में इस बार संभावना आरक्षित कोटे में जाने की बन रही है। लेकिन यदि पद एससी में आरक्षित नहीं होता है, तो निश्चित रूप से फिर महापौर का पद अनारक्षित रहेगा। जबकि मवाना नगर पालिका अध्यक्ष पद इस बार अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होता नजर आ रहा है।
चुनाव प्रक्रिया को लेकर बैठक
मेरठ। निकाय चुनावों को लेकर शुक्रवार को नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा ने अपने कैंप कार्यालय पर अपर नगरायुक्त रामभरत तिवारी सहित चुनाव प्रक्रिया में जुटे निगम के सभी अधिकारियों की बैठक ली। ओबीसी जनगणना में तहसील और कलक्ट्रेट के अधिकारी व कर्मचारी भी लगाए जा रहे हैं। शुक्रवार को बैठक में तहसीलदार सदर भी पहुंचे। इसमें जनगणना का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा का कहना है कि शासन के निर्देश पर शहर का परिसीमन कार्य हो चुका है। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। शासन से जो भी आदेश आता है उसका पालन किया जाएगा। अब शीघ्र गजट जारी होगा। परिसीमन पर आपत्तियां मांगी जाएंगी, वहीं उनके निस्तारण का कार्य होगा। साथ ही ओबीसी जातियों की जनगणना का कार्य भी शुरू होने वाला है।