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Meerut News: पुराने ईंटों से खड़ीं कर दी दीवारें

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मेरठ। मेरठ गंगनहर शाखा के अधिशासी अभियंता कार्यालय परिसर में बनाए जा रहे रिकॉर्ड रूम की दीवारों में पुरानी ईंटें लगाकर भ्रष्टाचार की नींव रखी जा रही है। शुक्रवार को जब मामला खुला तो अधिकारियों ने दीवारों पर प्लास्टर शुरू करा दिया।
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सिंचाई विभाग मेरठ गंगनहर शाखा अधिशासी अभियंता कार्यालय की ब्रिटिश कालीन इमारत है। लगातार रिकॉर्ड बढ़ रहा है, लेकिन रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए उचित स्थान नहीं है। विभाग के अधिकारियों ने कार्यालय परिसर में बने कुछ शौचालयों को तोड़कर इसके स्थान पर नया रिकॉर्ड रूम बनाने का बजट प्रस्ताव तैयार किया था। साथ ही सामने साइकिल स्टैंड और अन्य पुरानी इमारतों को तोड़कर उस स्थान पर शौचालय और वाहन स्टैंड बनाने का निर्णय लिया। सिंचाई विभाग ने रिकॉर्ड रूम, शौचालय आदि बनाने के लिए ठेका छोड़ा।
उधर शौचालय तोड़कर रिकॉर्ड रूम का निर्माण शुरू किया। रिकॉर्ड रूम की नींव से लेकर दीवारों में शौचालय और पुरानी बिल्डिंग से निकाली गई पुरानी ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। रिकॉर्ड रूम के आगे वाले हिस्से में कुछ नई ईंटें भी लगाई गई हैं। पुरानी ईंटों से बिल्डिंग निर्माण का मामला विभाग में भी चर्चाओं विषय बना हुआ है।
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जब इस संबंध में सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता राजेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने रिकॉर्ड रूम बिल्डिंग का निर्माण नई ईंटों से ही किए जाने की बात कही। साथ ही कहा कि पुरानी ईंटों से निर्माण नहीं किया जा सकता है। यह भी कहा कि अगर पुरानी ईंट लगाई जा रही हैं तो उसको दिखवाया जाएगा। उधर मामले का खुलासा होने पर ठेकेदार ने पुरानी ईंटों से बनायी गई दीवारों पर प्लास्टर शुरू करा दिया।


रिकॉर्ड रूम की दीवारों में जो पुरानी ईंटों का इस्तेमाल किया गया है, वह नई ईंटों से भी पक्की हैं। इसलिए दीवार में लगाईं जा रही हैं। - प्रमोद कुमार, अधिशासी अभियंता
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