रोहटा/मेरठ। संयुक्त गन्ना आयुक्त लखनऊ के नेतृत्व में गन्ना विभाग की टीम ने रविवार को औचक निरीक्षण कर रोहटा में संचालित नंगलामल शुगर मिल के गन्ना क्रय केंद्र पर छापा मारा। हालांकि घटतौली नहीं मिली, लेकिन तोल लिपिक के पास लाइसेंस नही मिलने पर उसे निलंबन करने की कार्रवाई अमल में लाई गई है।
संयुक्त गन्ना आयुक्त लखनऊ डॉ. वीर बहादुर सिंह रविवार सुबह विभाग की टीम के साथ मेरठ-बड़ौत मार्ग स्थित नंगलामल शुगर मिल के केंद्र पर छापा मारा। तैनात लिपिक सुनील कुमार से जब लाइसेंस मांगा तो वह प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाया। जब इसकी जानकारी विभाग से ली गई तो पता चला की उसका कोई लाइसेंस इस साल जारी नहीं किया गया। टीम ने किसान की गन्ने से भरी बुग्गी की तौल कराई। हालांकि घटतौली नहीं मिली। टीम ने लाइसेंस न मिलने पर तौल लिपिक का चालान कर तौल निलंबन की कार्रवाई की। दौराला गन्ना समिति के सचिव प्रदीप कुमार, डिप्टी अमर प्रताप सिंह, दलीप सिंह, महकार सिंह, विनोद नरेश, जसवीर सिंह टीम में रहे। किसानों ने नंगलामल व बजाज शुगर किनौनी चीनी मिल द्वारा गन्ना भुगतान न दिये जाने की शिकायत करते हुए टीम का घेराव कर दिया। संयुक्त गन्ना आयुक्त ने बजाज शुगर मिल किनौनी के जीएम केन राजकुमार टाया को मौके पर बुलाया। वहीं, बीते वर्ष का बकाया भुगतान जल्द किसानों को दिलाने का आश्वासन देकर बमुश्किल किसानों को शांत किया। उसके बाद टीम जिला बागपत के लिये रवाना हो गई। किसानों ने बताया कि गांव डालमपुर, रोहटा, बाडम, रासना, चिंदौड़ी खास आदि गांवों में अभी भी कुछ गन्ना माफियों ने अपने पूर्वजों के मृतक बोंड व डबल बोंड समिति के कर्मचारियों से साठगांठ कर चलवा रखे है। जिन पर धड़ल्ले से कोल्हू के रेट पर गन्ना खरीद कर मिल में आपूर्ति कर रहे है। किसानों ने ऐसे किसानों की एक सूची गन्ना आयुक्त को सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि हर हाल में इसकी जांच कराकर के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसानों ने सहकारी गन्ना विकास समिति मलियाना के गन्ना सुपरवाइजर अनिल की शिकायत की। बताया कि वह गोदाम पर आता है। शिकायत करने पर बांड बंद करने की धमकी देता है।
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पर्ची संबंधित कार्य मिल को नहीं दिया जा सकता है : डॉ. वीबी
दौराला। लखनऊ से आए संयुक्त गन्ना आयुक्त डॉ. वीबी सिंह द्वारा दौराला मिल गेट एवं बाहरी क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया। तौल का गहनता से निरीक्षण किया गया। डॉ. सिंह ने एक बुग्गी को मेनुअल काटे पर दोबारा चैक किया। जिसका वजन समान मिला। इसके बाद कैन यार्ड की साफ सफाई, कृषकों के लिए पेयजल, किसानों के विश्राम के लिए किसान शेड़, शौचालय एवं पशुओं के लिए पानी पीने की समस्त व्यवस्थाओं की गहनता से जांच कीं, सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। किसानों ने डॉ. वीबी सिंह से मांग रखी कि पर्ची की तिथि बदलने का काम दौराला मिल को मिलना चाहिए, जिस पर संयुक्त गन्ना आयुक्त ने साफ कहा कि पर्ची संबधित कोई भी काम किसी भी दशा में फैक्ट्री को नहीं दिया जाएगा, गन्ना समिति ही पर्ची की तिथि बदलने का काम करेगी। इस समय जो सिस्टम बनाया गया है, वह किसान हित के लिए है और किसानों के हित में काम कर रहा है। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमर प्रताप सिंह, सचिव सहकारी गन्ना समिति प्रदीप कुमार को सभी कार्य ठीक तरह से करने की बात कही। इस दौरान दौराला गन्ना महाप्रबंधक संजीव कुमार खाटियान, ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक मलकपुर दिलीप सिंह, गन्ना प्रबधंक अभिषेक तोमर आदि मौजूद रहे।