विरासत के शस्त्र लाइसेंस की फाइलें तबल करने के निर्देश डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट को दिए हैं। मेरठ में नये शस्त्र लाइसेंस पर पिछले तीन साल से रोक लगी है। लेकिन विरासत के लाइसेंस भी पिछले ढाई वर्ष से नहीं बन पाये हैं। तत्कालीन डीएम नवदीप रिणवा ही कुछ विरासत के लाइसेंस बनाकर गये थे, लेकिन उनके बाद आये पंकज यादव ने सिर्फ खिलाड़ियों के लाइसेंस ही जारी किये। नये और विरासत के लाइसेंस पर उन्होंने पूरी तरह रोक लगा दी।
जिस कारण इस समय करीब दो सौ शस्त्र लाइसेंस न बनने के कारण थानों के मालखानों में जंग खा रहे हैं या फिर शस्त्र की दुकानों पर जमा होकर लगातार उनका किराया बढ़ रहा है। अमर उजाला ने मंगलवार को इस संबंध में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। जिस पर संज्ञान लेते हुए डीएम जगत राज त्रिपाठी ने सिटी मजिस्ट्रेट केशव कुमार विरासत के शस्त्र लाइसेंस आवेदन की पत्रावलियों का परीक्षण कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।