चर्चा बहुत है, जांच में खुलेंगे राज
ये चैट वायरल करने को लेकर कई चर्चाएं हैं। एक अधिकारी की मानें तो ये चैट साजिश के तहत की गई है। दावा है कि वह इंस्पेक्टर परशुराम को अच्छे से जानते हैं। उनके साथ भी इंस्पेक्टर काफी दिन रहे। मेरठ जोन में एडीजी प्रशांत कुमार के कार्यों की सराहना प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कर चुके हैं। अपराध में अंकुश लगाने पर मेरठ जोन की तारीफ हो चुकी है। यह बात कुछ अधिकारियों को रास नहीं आ रही।
मेरठ में तैनात रहे परशुराम
ब्रह्मपुरी में कुष्ठ आश्रम में डकैती पर तत्कालीन एसएसपी ओंकार सिंह ने इंस्पेक्टर परशुराम की क्लास ली थी। लूटपाट की कई घटनाओं पर कार्रवाई के बाद इंस्पेक्टर का ट्रांसफर नोएडा हो गया था।
दो इंस्पेक्टरों का हुआ ट्रांसफर
इंस्पेक्टर परशुराम के साथ इंस्पेक्टर योगेंद्र कुमार का ट्रांसफर भी नोएडा से बुलंदशहर हुआ था। दोनों के ट्रांसफर आईजी मेरठ रेंज रामकुमार द्वारा कराए गए। अधिकारियों ने ट्रांसफर के कारण ढूंढने शुरू कर दिए हैं।
अधिकारी खामोश, सब जानते हैं
इस मामले में खामोश अधिकारी सब जानते हैं कि ये खेल कैसे हुआ। इसकी जांच भी गुपचुप करा रहे हैं। अधिकारी चर्चा कर रहे हैं कि इंस्पेक्टर परशुराम की चैट में कितनी सच्चाई है, उजागर होनी चाहिए।
जल्द बेनकाब होगा
मामला साइबर क्राइम का है। अज्ञात युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। इसकी जांच उच्च स्तर से कराई जा रही है। जिसने यह हरकत की है, जल्द बेनकाब होगा।
-रामकुमार, आईजी मेरठ रेंज
मेरा कोई लेना देना नहीं
इंस्पेक्टर परशुराम सस्पेंड हो गया है। मुकदमा भी लिखा गया। विभागीय जांच के अलावा साइबर एक्सपर्ट भी लगाए हैं। ट्रांसफर रेंज में आईजी करते हैं, इससे मेरा कोई लेनादेना नहीं है। इंस्पेक्टर पर और कार्रवाई होगी।
-प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन
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