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वायरल का कहर, चार लोगों की मौत

Wed, 31 Aug 2016 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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डेंगू और चिकनगुनिया के बीच वायरल बुखार अब लोगों की जान ले रहा है। मंगलवार को सरधना, फलावदा और भावनपुर में बुखार से पीड़ित चार लोगों की मौत से हड़कंप मच गया। जबकि स्वास्थ्य विभाग वायरल, डेंगू या चिकनगुनिया से कोई मौत होने से ही इंकार कर रहा है।
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 डेंगू और चिकनगुनिया के मामलों पर शासन की सख्ती के बाद जिला मलेरिया विभाग सैंपल एकत्र कर मेडिकल कॉलेज स्थित माइक्रो बायोलॉजी लैब भेज रहा है। मंगलवार को चिकनगुनिया के 11 नए मामले सामने आए। जिसके बाद मरीजों की संख्या बढ़कर 18 पहुंच गई है। हालांकि मंगलवार को डेंगू का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। इसके मरीजों की संख्या 19 पर बनी है।

बुखार ने ली इनकी जान
फलावदा में बुखार के चलते मोहल्ला जूड़ निवासी 17 वर्षीय प्रीति पुत्री राम सिंह की मौत हो गई है। प्रीति को बुखार के चलते मवाना से मेरठ रेफर किया गया था। वहीं, सरधना में लाल कुंआ निवासी 19 वर्षीय अल्तमस पुत्र तनवीर और मोहल्ला छावनी में छह वर्षीय फैसल पुत्र अहसान की बुखार से मौत हो गई। सीएचसी प्रभारी डॉ. राजकुमार सागर ने मामले की जांच कराने की बात कही। लेकिन डेंगू व चिकनगुनिया से मौत होने की पुष्टि नहीं की है। उधर, भावनपुर के गांव पचपेड़ा निवासी किसान शौकीन (52) की भी वायरल बुखार से मौत हो गई। शौकीन का जेल चुंगी स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था।
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अस्पताल में जगह नहीं
वायरल बुखार के मरीजों की संख्या इतनी ज्यादा बढ़ रही है कि शहर के कई बड़े अस्पतालों में जगह नहीं है। जिला चिकित्सालय में 240 से अधिक वायरल बुखार के मरीज भर्ती है। वहीं, मेडिकल कॉलेज में भी करीब 261 मरीज वायरल बुखार के चलते तबीयत बिगड़ने पर भर्ती कराए गए हैं। गढ़ रोड स्थित आनंद हॉस्पिटल के प्रवक्ता मुनेश पंडित ने बताया है कि अस्पताल में 120 से अधिक वायरल के मरीज भर्ती हैं। वहीं, जसवंत राय, होप हॉस्पिटल व कंकरखेड़ा बाईपास स्थित कैलाशी हॉस्पिटल में भी बड़ी संख्या में मरीज भर्ती हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग वायरल बुखार को गंभीरता से लेने के लिए तैयार नहीं है।

नहीं हो रहे बड़े प्रयाय
आम आदमी के लिए बड़ी परेशानी यह है कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई बड़े प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। खासकर मलिन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग वायरल बुखार की चपेट में हैं। लेकिन वहां पर चिकित्सा कैंप लगाने या फॉगिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। जिले में बड़ी संख्या में लोग बीमार हैं।

मौत के बाद लगा कैंप
भावनपुर के पचपेड़ा गांव में किसान शौकीन की मौत की सूचना पर आनन-फानन में पीएचसी पर कैंप लगाया गया। जिसमें पता चला कि गांव में वायरल बुखार से करीब 90 लोग पीड़ित हैं। पीएचसी प्रभारी सीपी सिंह ने बताया कि कैंप में करीब अस्सी मरीजों की जांच कर दवाईयां बांटी गईं। चिकित्सक कृष्णोदय उपाध्याय ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र पर सौ मरीजों में से 90 मरीज वायरल से पीड़ित मिले। जिन्हें जांच के बाद दवाईयां दी गईं।

मेडिकल इलाका डेंगू के रडार पर
मेरठ। अभी तक के आंकड़े बता रहे हैं कि डेंगू के सबसे ज्यादा मामले मेडिकल कॉलेज कैंपस और जागृति विहार के हैं। मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सक भी डेंगू के रडार पर है। क्योंकि अभी तक मेडिकल कैंपस से डेंगू के पांच मामले सामने आये हैं। जागृति विहार से डेंगू के चार और चिकनगुनिया का एक मामला सामने आया है। इससे साफ है कि मेडिकल कालेज व जागृति विहार क्षेत्र में एडिस मच्छर पनप रहा है। जिससे बड़ी संख्या में लोग बीमारी की चपेट में हैं।
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