रोहटा। कांवड़ यात्रा को सकुशल और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी ताकत से तैयारियों में जुटा है। वहीं कांवड़ मार्ग पर आवारा और हिंसक गोवंश एक बड़ा खतरा बनकर उभर रहे हैं। खासकर गंगनहर पटरी मार्ग पर जंगलों से सटे क्षेत्रों में गोवंशों के झुंडों की मौजूदगी यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
शुक्रवार को जटपुरा गांव के निकट दो कांवड़ियों के साथ ऐसा ही एक हादसा होते-होते टल गया। एक हिंसक सांड ने अचानक दौड़ लगा दी। दोनों श्रद्धालु मौके की नजाकत को भांपकर किसी तरह जान बचाकर वहां से निकले। घटना के बाद कांवड़ यात्रियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताते हुए यह मुद्दा कांवड़ मार्ग का निरीक्षण कर रहे जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह और मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल के समक्ष रखा। कांवड़ियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए डीएम और सीडीओ ने तत्काल अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया कि गंगनहर पटरी मार्ग पर नियमित पेट्रोलिंग की जाए। आवारा गोवंश को चिह्नित कर तत्काल पकड़कर गोशालाओं में भिजवाया जाए।
सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील स्थलों पर वन विभाग और पशुपालन विभाग की संयुक्त निगरानी टीम तैनात की जाए। विशेष रूप से जटपुरा, डूंगर, पुठखास, भोला की झाल जैसे स्थानों पर कांवड़ मार्ग के दोनों ओर जंगल, झाड़ियां और निर्जन इलाके हैं, जहां से अकसर आवारा गोवंश के झुंड गंगनहर पटरी पर आ जाते हैं।