- बस्तौरा नारंग गांव से निकलने लगे ग्रामीण
हस्तिनापुर। इस समय क्षेत्र के गांव बस्तौरा नारंग के के समीप गंगा जमकर कहर बरपा रही है। किसानों की हजारों हेक्टेयर जमीन फसल सहित गंगा में समा गई है। तेजी से गांव की ओर कटान चल रहा है। इससे ग्रामीण पूरी तरह सहम गए हैं। अब उन्होंने गांव छोड़कर जाना शुरू कर दिया है।
गंगा नदी का कटान बस्तौरा नारंग के समीप 2023 से शुरू हो गया था, जहां से गंगा करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर बह रही थी। वर्ष 2024 में गंगा ने एक बार फिर कटान शुरू किया और गांव से करीब 300 मीटर की दूरी पर कटान करते हुए पहुंच गई। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से कटान रोकने की अपील भी की, परंतु समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब एक सप्ताह से लगातार भीषण कटान चल रहा है। गंगा की धारा गांव से करीब 150 मीटर की दूरी पर पहुंच गई है। वहीं गंगा का पानी आबादी क्षेत्र में पहुंचने से ग्रामीण पूरी तरह दहशत में है। गांव से कुछ ही दूरी पर अब गंगा की मुख्य धारा पहुंचने से ग्रामीण पूरी तरह सहमे हुए हैं। अब उन्होंने गांव छोड़कर जाना शुरू कर दिया है। ग्रामीण अपने छोटे बच्चों, बड़े बुजुर्गों और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर भेजने लगे हैं। कई ग्रामीणों ने तो अपने घरों का सामान निकाल कर हस्तिनापुर में दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर लिया है। ग्रामीणों को चिंता सता रही है कि गंगा कभी भी उनके गांव में पहुंच सकती है। प्रशासन की ओर से भी अलर्ट जारी किया गया है और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के लिए कहा गया है।
सैकड़ों परिवारों ने गांव से किया पलायन
ग्रामीण राजू चौहान ने बताया कि गांव के लोग गंगा के कटान से पूरी तरह सहमे हुए हैं। अब तक सैकड़ों ग्रामीण अपना सामान और बच्चों को लेकर गांव से बाहर निकल गए हैं। वहीं अभी सैकड़ो परिवार गांव में ही जमे हुए हैं, क्योंकि उनके पास बाहर निकलने का कोई साधन नहीं है। लगातार प्रशासनिक अधिकारी भी गांव से निकलने के लिए अपील कर रहे हैं, परंतु ऐसे में वह कहां जाएं। उनके पास कहीं सुरक्षित स्थान नहीं है।
लगातार बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि गंगा का जलस्तर 1.70 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया है। लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण पूरी तरह भयभीत है। पांच दिनों से लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। उधर, बारिश भी ग्रामीणों की मुश्किलों को बढ़ा रही है।
हरसंभव मदद करेगा प्रशासन : एडीएम
मंगलवार को बस्तौरा नारंग गांव में चल रहे गंगा के कटान को देखने के लिए एडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी, एसडीएम संतोष कुमार तहसीलदार निरंकार सिंह के साथ गंगा किनारे पहुंचे और हालात का जायजा लिया। एडीएम सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि परीक्षितगढ़ का साधु नागली और हस्तिनापुर का बस्तौरा नारंग गांव के समीप गंगा नदी कटान करते हुए पहुंच गई है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए लगातार अपील की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
राजनीतिक लोगों ने भी लिया जायजा
सपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने सड़क पर उतराते पानी को रोकने के लिए ग्रामीणों की आर्थिक मदद की। वहीं सपा के पूर्व विधायक एवं राज्य मंत्री प्रभु दयाल वाल्मीकि ने भी गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की। बसपा कार्यकर्ता शुभम लोहिया ने भी ग्रामीणों के साथ पानी रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किया।
उफान पर आई गंगा नदी स्रोत संवाद
उफान पर आई गंगा नदी स्रोत संवाद