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Meerut News: ग्रामीणों को लगातार दिख रहा तेंदुआ, वन विभाग के कैमरों में सब गायब

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तेंदुए की तलाश में रात में कांबिग करते वन विभागकर्मी। (स्त्रोत वन विभाग) मवाना।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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मवाना। मवाना क्षेत्र में तेंदुए की आहट से ग्रामीणों की नींद हराम हो चुकी है। ग्रामीण लगातार तेंदुए को देखने का दावा कर रहे हैं और खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। वहीं दूसरी तरफ वन विभाग की तमाम हाईटेक मशीनरी ड्रोन, ट्रैप कैमरे और पिंजरे अब तक खाली हैं। सर्च ऑपरेशन के तीसरे दिन भी वन विभाग के कागजों में तेंदुए का कोई सुराग दर्ज नहीं हो सका है।
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पूरा जोर लगा रखा है। ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी की जा रही है। नाइट-विज़न ट्रैप कैमरे जगह-जगह तैनात किए गए हैं। संभावित रास्तों पर पिंजरे और चारे की व्यवस्था की गई है। लेकिन हकीकत यह है कि तीन दिन की सघन कांबिंग के बावजूद वन विभाग की टीमों को तेंदुए की कोई स्पष्ट लोकेशन नहीं मिली है। विभाग का कहना है कि न तो कैमरों में कोई फुटेज आई है और न ही पग मार्क (पैरों के निशान) की पुष्टि हो सकी है।
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क्षेत्रीय लोगों का गुस्सा अब फूटने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि एनएच 34 के आसपास खेतों और जंगल में तेंदुए की हलचल बीते दो सप्ताह से साफ देखी जा रही है। कई बार वीडियो बना चुके हैं, लेकिन अधिकारियों के कैमरों में कुछ नहीं आ रहा। गांव खेडी मनिहार निवासी आलोक के खेत के पास चकरोड में मंगलवार की सुबह तेंदुआ दिखाई दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाया तो ईख के खेत में घुसकर गायब हो गया। जिसकी सूचना वन विभाग को दी थी।
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सोमवार शाम क्षेत्रीय वन अधिकारी खुशबू उपाध्याय और उपजिलाधिकारी संतोष कुमार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने सर्च ऑपरेशन को और तेज करने के निर्देश दिए हैं। देर रात तक घने जंगलों और गन्ने के खेतों में कांबिंग की। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वह अकेले खेतों में समूह में जाएं और सतर्क रहें।

तेंदुए की तलाश में रात में कांबिग करते वन विभागकर्मी। (स्त्रोत वन विभाग) मवाना।

तेंदुए की तलाश में रात में कांबिग करते वन विभागकर्मी। (स्त्रोत वन विभाग) मवाना।

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