फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गांव में बुखार से हड़कंप, भयभीत हैं ग्रामीण

विज्ञापन
विज्ञापन
गांव में बुखार से हड़कंप, भयभीत हैं ग्रामीण
विज्ञापन

सरूरपुर। कोरोना के लगातार बढ़ते संक्रमण ने इलाके में कोहराम मचा रखा है। देहात क्षेत्र में हालात बेहद असंतोषजनक हैं। हर रोज गांव से भी एक-दो मौत हो रही है।
क्षेत्र के छुर गांव पिछले 10 दिनों में बुखार या अन्य बीमारी के चलते 45 लोगों की मौत का मेसेज वायरल हुआ। इसके अलावा क्षेत्र के हर्रा, कस्बा खिवाई, पांचली बुजुर्ग, जसड़ सुल्तान नगर आदि गांवों में भी हालत खराब है और यहां रोजाना दो-चार लोगों की मौतें बुखार या संक्रमण के कारण हो रही हैं।
विज्ञापन

छुर गांव में जगबीर की बुखार से मौत हो गई, तो वहीं मुल्हेड़ा गांव में पत्रकार कुलदीप कुशवाहा की माता की भी कोरोना से मौत हो गई। इसके अलावा पांचली बुजुर्ग गांव में भी एक व्यक्ति की मौत हुई, तो जसड़ सुल्तान नगर में भी एक मौत की जानकारी मिली। ग्रामीणों के अनुसार ज्यादातर मौत बुखार आने और सांस में परेशानी होने के बाद हुई हैं। वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में शून्य पड़ा है। छुर गांव के नवनिर्वाचित प्रधान और उनके पिता खुद कोरोना पॉजिटिव है। वह अपना इलाज होम आइसोलेशन में ही करा रहे है। सरूरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक भी बेड की व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां मरीजों का भर्ती होने में परेशानी है।
छुर गांव के प्रधान सहन्सर ने बताया कि उनके गांव में पिछले लगभग 10 दिन के भीतर लगभग 50 लोगों की मौत हो गई है। 2 दिन पूर्व एक दिन में 7 मौत होने का उन्होंने दावा किया है। उन्होंने उपजिलाधिकारी अमित भारतीय को फोन कर गांव में 25 बीघा में फैले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को कोविड-19 अस्पताल में तब्दील करने की मांग भी की है।
दस दिन में 45 मौत, मेसेज वायरल
सरधना। छुर गांव में कोरोना से दस दिनों के अंदर 45 लोगों की मौत व एक हजार से ज्यादा संक्रमित होने के वायरल मेसेज से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और जांच पड़ताल की। सरूरपुर के सीएचसी प्रभारी ओपी जसवाल ने बताया कि कोरोना से अब तक छुर में दो मौंत हुई हैं, जबकि अब तक कुल 90 कोरोना पॉजीटिव केस पाए गए थे, जिसमें अधिकतर लोगों की कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी हैं। अब मात्र 18 एक्टिव केस रह गये हैं, जिन्हें होम आइसोलेट किया गया है। डॉ. ओपी जसवाल ने बताया कि 21 अप्रैल को 71 वर्षीय नरेंद्र व 2 मई को 65 वर्षीय महेंद्री नामक महिला की कोरोना से मौत हुई हैं। जो गांव में बुखार या अन्य बीमारी से कुछ मौत हुई हैं, उनकी स्वास्थ्य विभाग को जानकारी नहीं हैं।
भाकियू के जिला महासचिव ने बताया दस दिन में 55 मौत
सरधना। छुर गांव में दस दिनों के भीतर 45 लोगों की मौत व एक हजार से अधिक के संक्रमित होने की खबर का सच जानने के लिए अमर उजाला ने भी ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में एक दिन में चार से पांच मौत प्रतिदिन हो रही है। भाकियू के जिला महासचिव विनेश प्रधान छुर ने बताया कि दस दिन में लगभग 55 मौत हो चुकी हैं। खाप के चौधरी सुधीर तालियान ने बताया कि दस दिनों के भीतर नहीं बल्कि एक माह में 55 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें जयवीर 68 वर्ष, इंद्रपाल 50 वर्ष, ऋषिपाल 45 वर्ष, कमलेश 55 वर्ष, ममता 42 वर्ष, वीर सिंह 35 वर्ष, जगबीर 70 वर्ष, तेजपाल 56 वर्ष, रश्मि 32 वर्ष, हरपाल 65 वर्ष, शनी 33 वर्ष, रानी 33 वर्ष, करतारी 65 वर्ष, राजवीर 78 वर्ष, बुल्ली 65 वर्ष व राजेंद्र की पत्नी 50 वर्ष, ज्ञान सिंह की पत्नी 60 वर्ष की भी मौत हुई है।
विज्ञापन

नारंगपुर में एक दिन में सात लोगों की मौत
रोहटा। रोहटा क्षेत्र के गांव नारंगपुर में बृहस्पतिवार को बुखार और खांसी के लक्षण के बाद सात लोगों की मौत हो गई। वहीं, मिर्जापुर, मीरपुर, रोहटा, रासना, रामपुर मोती में संक्रमण से मौत का सिलसिला जारी है। ज्यादातर लोगा होम आइसोलेशन में है। ऑक्सीजन लेवल गिरने के बाद अस्पतालों की ओर रुख करने से पहले ही दम तोड़ रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें