सफेद आर्किड से अरेबियन नाइट्स का सेट, लीलियम से व्हाइट हाउस का लुक, पिंक लिली और टाटा रोज से स्टेज का रॉयल लुक शहर की शादियों की शान बन रहा है। शहर में हो रही महंगी शादियों के कारण विदेशी फूलों की आवक बढ़ गई है। नोटबंदी के कारण फूलवालों को मंडी में माल के भुगतान में दिक्कत भले हो रही है, लेकिन पुरानी बुकिंग्स के ऑर्डर धड़ल्ले से पूरे हो रहे हैं। सर्द मौसम की शादियों में जनवासा, महफिल, स्टेज और मंडप की सजावट में विदेशी फूलों के इंद्रधनुषी रंग खूब रंगत बिखेर रहे हैं। देसी गुलाब, बेला और रात रानी की महक माहौल को भारतीय महक से भर रही है तो विदेशी आर्किड, लिलीयम और ट्यूलिप का करिश्माई लुक महफिल को सजाकर रौनक में चार चांद लगा रहा है।
दुल्हन की ज्वैलरी, बंच से जयमाला का पैकेज
शादियों में फूलों की सजावट के पैकेज में सगाई के बुके से लेकर फेरों के वक्त डाले जाने वाले फूल शामिल होते हैं। पैकेज के अनुसार गुलाब व मिक्स फूलों का बुके, जयमाला में वर-वधू की जयमाला, दुल्हन के लिए बुके, हार्ट शेप बुके, फ्लावर बास्केट से लेकर पूरी सजावट का ऑर्डर बुक होता है। जिसकी रेंज और किस्म पैकेज के अनुसार तय हो जाती है। दुल्हन द्वारा हल्दी, मेहंदी, बान, चाक, तेल आदि रस्मों में पहनी जाने वाली फूलों की ज्वैलरी को भी इसमें शामिल किया जाता है। विदाई की डोली, कार और घर की सजावट भी पैकेज में होती है। वेडिंग कपल का रूम भी स्पेशली डेकोरेट किया जाता है। दुपट्टों, प्रॉप्स व फूलों से मिलाकर सजावट होती है। सजावट में स्कूटर, रिक्शा, झूला, साइकिल, कुंआ, फैमिली ट्री भी फूलों से सजा रहे हैं।
रिटर्न गिफ्ट और सेल्फी के लिए टियारा, माला, क्राउन
महंगी शादियों में फूलों की माला, बारातियों के कोट में गुलाब का फूल लगाने का चलन भले पुराना है, लेकिन शादियोें में आज भी इसे प्रमुखता से शामिल किया जाता है। इसके अलावा शादी में मेहमानों के लिए सेल्फी प्वाइंट पर टियारा और फूलों का क्राउन भी दिया जा रहा है। रिटर्न गिफ्ट में बच्चों को टियारा, क्राउन और बुके दे रहे हैं। सभी महिलाओं को टियारा पहनाया जा रहा है।
10 हजार से शुरू हैं डेकोरेशन पैकेज
शादी में फूलों से सजावट कराने का पैकेज 10 हजार रुपये से शुरू हो रहे हैं। स्टेज, बैक स्टेज, एंट्री गेट, फ्लोर, सीलिंग, पर्दों से लेकर फर्नीचर को भी पैकेज के अनुसार फूलों से सजाया जा रहा है। पैकेज के अनुसार सजावट के लिए देसी-विदेशी फूल इस्तेमाल होते हैं। 10 हजार के पैकेज में 50 बुके और जयमाला है। रेट बढ़ने के अनुसार बुके की संख्या बढ़ जाती है। फूलों की किस्म भी बढ़ जाती हैं।
मल्टीकलर और थीम बेस्ड सजावट
शादियों में फूलों की सजावट में मल्टीकलर डेकोरेशन के अलावा थीम बेस्ड सजावट की भी डिमांड है। ओरिजनल फूलों के साथ आर्टिफिशियल फूलों की सजावट भी लोग करा रहे हैं। गुलाब और व्हाइट आर्किड की रेड एंड व्हाइट थीम, रेड एंड ग्रीन थीम, आर्किड और पत्तियों की ग्रीन एंड व्हाइट थीम, पिंक एंड रेड थीम, टाटा रोज से केवल गुलाबों की थीम लेकर भी शादियों में सजावट हो रही है। गेंदा, बेला, चमेली, रात रानी, ग्लेडुअस का प्रयोग भी फू लों की थीम सजावट में हो रहा है।
दिल्ली, मुंबई से लाते हैं फूल
फ्लावर आर्टिस्ट नाजिम कहते हैं मेरठ में आर्किड, ज़रबेरा, टाटा रोज़, ग्लेडुलस, लिली, लीलियम आदि फूलों की डिमांड काफी है। टाटा रोज, गेंदा, गुलाब, बेला, रजनीगंधा, रात रानी जैसे देसी फू लों की आवक तो दिल्ली की स्थानीय मंडियों, लावड़, काशीपुर से होती है। लेकिन जरबेरा, आर्किड, ग्लेडुलस, ट्यूलिप, बीओपी पैराडाइज, कैलिया लिली, लिलिएक, हेलिकोनिया, थाईग्रेंडियाज आदि फूल थाईलैंड से मंगाए जाते हैं। इसलिए इनकी सजावट बहुत महंगी होती है। कंटेनर्स में ये फूल दिल्ली आते हैं, दिल्ली से व्यापारी फूल लेकर मेरठ आते हैं।