एमडीए में वीसी और कर्मचारियों के बीच रार विस्तृत रूप लेती जा रही है। एक तरफ जहां कर्मचारी लामबंद होने की पूरी कोशिश में हैं तो एमडीए अधिकारियों ने इस हंगामे के सारे वीडियो फुटेज शासन को भेजे हैं। अहम यह है कि इस हंगामे से एक दिन पहले की फुटेज भी शासन को भेजी गई है। दावा है कि इसमें यूनियन पदाधिकारी वीसी पर अन्य कर्मचारियों के मनमर्जी से तबादला करवाने का दबाव बनाते दिख रहे हैं। उधर, इस प्रकरण की वीडियो खूब वायरल भी हो रही है।
17 जून को मेरठ विकास प्राधिकरण संगठन और उप्र डिप्लोमा इंजीनियर संघ ने संयुक्त रूप से एमडीए में हंगामा किया। वीसी योगेंद्र यादव का घेराव कर उनके ऑफिस में ही नारेबाजी की। कर्मचारियों ने ज्ञापन देकरचेतावनी कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो हड़ताल होगी। वीसी ने भी दो टूक कहा कि कर्मचारियों को पटल आवंटन करने और स्थानांतरण का अधिकार केवल वीसी का है और इसमें यूनियन का हस्तक्षेप बर्दाश्त बर्दाश्त नहीं होगा। यह मामला उस समय बढ़ गया, जब कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया। अगले ही दिन गिरफ्तार यूनियन अध्यक्ष सुशील त्यागी और एक कर्मचारी बलराम फिलहाल भी जेल में हैं। तीन अवर अभियंताओं के खिलाफ शासन को लिखा गया है।