वन विभाग की टीम ने पहुंचकर जांच की, तेंदुआ होने की बात से किया इन्कार
परीक्षितगढ़। सोमवार रात गांव नारंगपुर अमरसिंहपुर संपर्क मार्ग स्थित समाधी पर तेंदुए की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। मंगलवार को वन क्षेत्राधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। तेंदुए की वीडिय़ों वायरल होने पर किसानों व आस पास के ग्रामीणों में भय व्याप्त है।
गांव शिवपुरी निवासी नरेंद्र भाटी, सुरेश फौजी, वरुण नागर आसिफाबाद से कार से अपने गांव लौट रहे थे। जैसे ही वह नांरगपुर अमरसिंह पुर संपर्क मार्ग पर किसान हिमांशु के खेत पर पहुंचे तो खेत में बनी समाधी पर तेंदुए को बैठा देख उन्होंने कार के अंदर से उसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। इससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।ग्रामीणों के अनुसार तीन माह पूर्व गांव सौंदत निवासी मतलूब सौंदत बौंद्ररा संपर्क मार्ग स्थित अपने खेत पर नलकूप से सिंचाई करने गया हुआ था। मतलूब पर खेत पर ही पीछे से अचानक तेंदुए के हमले से छाती, पेट ,सीधे हाथ को जख्मी कर दिया था।
मंगलवार को वन क्षेत्राधिकारी विनोद कुमार संजवाण वन टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आस पास के खेतों में तेंदुए की तलाश में कांबिग की लेकिन तेंदुए का पता नही लगा। किसानों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने और गश्त बढ़ाने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी विनोद कुमार संजवाण ने बताया तेंदुए की मौके पर पहुंचकर जांच की लेकिन तेंदुआ होने के साक्ष्य नहीं मिले है।
इन गांवों में देखा जा चुका है तेंदुआ।
ग्रामीणों ने बताया कि अमरसिंहपुर, सौंदत, नीमका, अगवानपुर, खरखाली,झब्बापुरी कुंडा, दयालपुर, शिवपुरी, गेसूपुर, समसपुर आदि गांवो में तेंदुआ दिखाई दिया गया है। वन विभाग तेंदुए को पकड़ने के स्थान पर अन्य जंगली जानवर बताकर पल्ला झाड लेता है। खेती करने के लिए किसान पर तेंदुए के हमले का डर बना रहता है।