दिल को झकझोर देने वाले विक्टोरिया पार्क अग्निकांड के पीड़ितों के जख्म आज भी हरे हैं। रविवार को इस वीभत्स अग्निकांड को दस साल पूरे हो रहे हैं, पर पीड़ितों को अभी इंसाफ नहीं मिला है। सरकारें, आयोग भी इनके जख्मों पर मरहम नहीं लगा सके हैं। अब उम्मीद सुप्रीम कोर्ट से है। दस अप्रैल 2006 को विक्टोरिया पार्क में लगाए गए कंज्यूमर मेले में भीषण आग लगी थी। देखते ही देखते पूरा पंडाल आग का गोला बन गया था। आग में 65 लोगों की मौत हो गई थी। 81 लोग गभीर रूप से, जबकि 85 लोग सामान्य रूप से झुलसे थे।
जस्टिस सिन्हा की रिपोर्ट हो चुकी है सार्वजनिक
इस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर न्यायिक आयोग पूर्व जस्टिस एसबी सिन्हा की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जा चुकी है। तमाम गवाहों और लंबी जांच के बाद इसका निष्कर्ष सामने आया। आयोग ने इस मेले के आयोजकों को घटना के लिए साठ प्रतिशत और सरकारी तंत्र को चालीस प्रतिशत दोषी माना।
टूट गईं पीड़ितों की उम्मीदें
इस रिपोर्ट से पीड़ितों के उम्मीदों पर वज्रपात ही हुआ था। पीड़ित पक्ष ने मृतकों के परिजनों के 20-20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी। अब तक पीड़ित पक्ष को राज्य सरकार की तरफ से केवल सात-सात लाख रुपये मुआवजा ही मिल पाया है।
12 को हो सकता है फैसला
इस प्रकरण पर पीड़ितों ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई। अब सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि पीड़ितों को क्या दिया जाए। सरकार इसका भुगतान करेगी या आयोजक। यह सब सुप्रीम कोर्ट पर टिका है। 12 अप्रैल को कोर्ट की तारीख लगी है। इस दिन फैसला भी आ सकता है।
आयोजक बेच चुके संपत्ति
आयोजक घटना के लिए पूरी तरह सरकारी तंत्र को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। हालांकि सिन्हा आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार की तरफ से प्रति पीड़ित मुआवजा आठ लाख रुपये बनता है, जिसमें से सात लाख रुपये वह दे चुकी है। मात्र एक-एक लाख रुपया सरकार की तरफ बनता है। आयोजकों को प्रति मृतक 12 लाख की देनदारी आती है, जो 7.80 करोड़ रुपये बैठता है। विक्टोरिया पार्क में आयोजित कंज्यूमर मेला के आयोजकों के पास इस समय कुछ नहीं है। केस शुरू होने से पहले ही वह अपनी सभी चल, अचल संपत्ति बेच चुके हैं। अब यदि कोर्ट उनकी तरफ देनदारी भी निकालती है तो यह वसूली कहां से होगी। पीड़ितों का कहना है कि सरकार उन्हें शत प्रतिशत मुआवजा दे।
आज देंगे श्रद्धांजलि
विक्टोरिया पार्क अग्निकांड आहत कल्याण समिति इस लड़ाई को लड़ रही है। अध्यक्ष संजय गुप्ता के मुताबिक इस कांड के दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए विक्टोरिया पार्क में सुबह नौ बजे यज्ञ होगा। 11 बजे भंडारा तथा शाम को जिलाधिकारी आवास से विक्टोरिया पार्क तक कैंडल मार्च निकाला जाएगा।