सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि में वेटनरी कॉलेज के लिए आखिर वेटनरी काउंसिल ऑफ इंडिया ने मान्यता दे दी है। इसमें 80 छात्र प्रवेश ले सकेंगे। सितंबर की शुरुआत में एडमिशन कर कॉलेज में सत्र शुरू होने की उम्मीद है।
वेटनरी कॉलेज के डीन डॉ. राजबीर सिंह ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश के चार कृषि विवि की संयुक्त प्रवेश परीक्षा यूपीसीएटीईटी बांदा विवि द्वारा मई में आयोजित कराई गई थी। पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय को वीसीआई की मान्यता न मिलने के कारण प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण नहीं की गई थी। अब मान्यता का पत्र 8 अगस्त को विवि के कुलसचिव डॉ. बीआर सिंह के पास पहुंच गया। पत्र मिलने के बाद इस माह के अंत तक एडमिशन प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। महाविद्यालय में अंतिम बार 2014-15 वीसीआई द्वारा प्रवेश दिया गया था, लेकिन इसके बाद के सत्रों में वीसीआई ने मानक पूर्ण न होने के कारण प्रवेश प्रक्रिया स्थगित कर दी थी। डॉ. राजबीर सिंह ने बताया कि इस सत्र में एडमिशन लेकर प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रयास किए जा रहे थे। इसके बाद वीसीआई ने हरि झंडी दे दी। वेटनरी कॉलेज चलने से विवि की आय तो बढे़गी ही साथ ही छात्रों को भी इसका लाभ मिलेगा। मान्यता दिलाने में अमित मोहन प्रकाश प्रमुख सचिव कृषि ने भी काफी सहयोग किया। डॉ. अजीत, डा. विपिन, डा. विपुल, डा. अरविंद आदि मौजूद रहे।
28 करोड़ रुपये से तैयार पशु चिकित्सालय
डॉ. राजबीर सिंह ने बताया कि वर्तमान में भारतीय पशु चिकित्सा परिषद (वीसीआई) के सभी मानक पूर्ण कर लिए गए हैं। महाविद्यालय से संबंधित पशु चिकित्सालय में सभी तरह के पशुओं का उपचार भी शुरू कर दिया गया है। 28 करोड़ रुपये की लागत से तैयार पशु चिकित्सालय में छोटे पशुओं का एक्सरा और अल्ट्रासाउंड भी किया जाएगा।
जल्द शुरू किए जाएंगे एडमिशन
कृषि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. बीआर सिंह का कहना है कि यह मान्यता कुलपति डॉ. गया प्रसाद के प्रयास से मिली है। 80 सीटों के लिए मान्यता मिल गई है। अगस्त के अंतिम सप्ताह में एडमिशन पूर्ण कर सितंबर में सत्र शुरू कराया जाएगा। एडमिशन के लिए बांदा कृषि विवि के रजिस्ट्रार को पत्र भेज दिया है। -डॉ. बीआर सिंह, रजिस्ट्रार कृषि विवि