गुरुवाणी के रचनाकार चौथे गुरु रामदास का प्रकाश पर्व मनाया
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। गुरुद्वारा श्रीगुरु सिंह सभा कंकरखेड़ा में गुरुवाणी के रचनाकार चौथे गुरु रामदास का प्रकाश पर्व मनाया गया। संगत ने भाग लेकर गुरुवाणी, कीर्तन का आनंद लिया। गुरुराम दास के मानवता पर किए गए परोपकारों को याद कर लंगर ग्रहण किया। इस अवसर पर गुरुद्वारा साहिब को सुंदर फूलों एवं रंगीन रौशनी से सजाया गया। जिसे देख संगत मंत्रमुग्ध नजर आ रही थी।
श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति के बाद भाई गुरप्रीत सिंह प्रीत ने गुरू राम दास राखो श्ररणाई शबद गायन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। शबद चौकी जत्थे ने जब अब गुरू राम दास को मिली बड़ाई। शबद गायन किया तो सारी संगत भावविभोर होकर धन गुरु राम दास जी, धन गुरु राम दास जी जपने लगी। यह एक आलौकिक नजारा बन गया। प्रधान मनजीत सिंह कोछड़ ने कहा अमृतसर शहर बसा कर। बाणी की रचना कर। आस्था का विश्व का सबसे बड़ केंद्र दरबार साहिब, अमृतसर प्रगट कर गुरु राम दास ने मानवता पर बहुत बड़ा परोपकार किया। आज दरबार साहिब अमृतसर में लगभग दो लाख श्रद्धालु प्रतिदिन शीश नवांकर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण कर रही है। चौबीस घंटे गुरु का लंगर चलता है। मनजीत सिंह कोछड़ ने बताया आस्था सबसे बड़े स्थान श्री दरबार साहिब अमृतसर में बिना भेद भाव कोई भी माथा टेक, लंगर ग्रहण कर सकता है। आयोजन के बाद गुरु का लंगर संगत ने ग्रहण किया। इस अवसर पर किशन सिंह छाबड़ा, नानक छाबड़ा, धीर सिंह, अजीत सिंह, बलबीर सिंह, हरमिंदर सिंह रहे।