खरखौदा। राष्ट्रीय राजमार्ग-235 का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। कैली के जंगल में फ्लाईओवर के पास हाईटेंशन लाइन की शिफ्टिंग का कार्य रुका हुआ है। इसकी प्रक्रिया लंबी होने के कारण निर्माण कंपनी ने अब सर्विस रोड से वाहनों को निकालने की तैयारी कर ली है। वहीं हापुड़ में रेलवे के पुल के निर्माण होते ही वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। इससे जल्द ही इस पर वाहनों का आवागमन शुरू होने की उम्मीद है।
मेरठ से बुलंदशहर तक राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई 63.19 किलोमीटर है। इसके निर्माण की प्रक्रिया 2015 से चल रही है। पहले निर्माण कार्य अक्तूबर 2019 में पूर्ण होना था लेकिन क्षेत्रिय परिस्थितियों के बदलाव के चलते कई कार्य और बढ़ गए। इस कारण इसका समय भी अप्रैल 2020 कर दिया गया। इस समय मेरठ से बुलंदशहर तक करीब 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इसमें चार बाईपास, नौ जंक्शन, 14 अंडरपास, पांच फ्लाईओवर, 19 यात्री प्रतीक्षालय सहित सभी जंक्शनों पर विद्युत कनेक्शन सहित जनरेटर की भी व्यवस्था की गई है। वहीं मेरठ से हापुड़ के बीच में गांव कैली में फ्लाईओवर के पास में हाईटेंशन लाइन शिफ्ट का कार्य होने में देरी हो रही है। निर्माण कंपनी के अनुसार गांव कैली में फ्लाईओवर से वाहनों को न निकालकर सर्विस रोड से निकालेगी। इससे बुलंदशहर, मुरादाबाद, लखनऊ, अलीगढ़, आगरा जाने वाले सभी वाहनों का हापुड़ बाईपास पर मार्च में आवागमन शुरू हो जाएगा। निर्माण कपंनी के अनुसार मार्च माह में ही यह बाईपास शुरू हो जाएगा।
जल्द होगा शुरू
मेरठ से बुलंदशहर तक करीब 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। मेरठ से हापुड़ तक भी निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। बस रेलवे के पुल का इंतजार है। रेलवे के निर्माण पूर्ण होते ही मेरठ से हापुड़ तक वाहन दौड़ने लगेंगे। -एसके मिश्रा, प्रशासनिक मैनेजर निर्माण कंपनी एपको