वेस्ट यूपी में मेरठ को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है। छावनी क्षेत्र से कई आईएसआई एजेंट पकड़े जा चुके हैं। वहीं, शहर में कई बार कुख्यात बदमाश पुलिस की वर्दी पहनकर संगीन वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। हाईकोर्ट दिल्ली भी दुकानों पर सेना की वर्दी बिकने को लेकर गंभीर चिंता जता चुका है। लेकिन उसके बावजूद शहर की कई दुकानों पर पुलिस और सेना के जवानों की वर्दी धड़ल्ले से बेची जा रही है। कैंट एरिया में कुछ दुकानों के अलावा पुलिस लाइन के मुख्य गेट से चंद कदमों की दूरी पर ही पुलिस की वर्दी बेची जाती है। सर्दी के शुरू होते ही इन दुकानों पर पुलिस की खाकी जैकेट भी मिलने लगती है।
न जांच, न कोई रोकथाम
सदर क्षेत्र स्थित बांबे बाजार में कई दुकानों पर सेना की वर्दी बेची जा रही हैं। इसके अलावा सैन्य जवानों के लेदर ब्लैक शूज, स्टार, फीते, बेल्ट, कैप और अन्य सामान बेचा जाता है। संदिग्ध लोग और बदमाश इन दुकानों से वर्दी और ये सामान खरीदकर कोई भी घटना को अंजाम दे सकते हैं। लेकिन न तो कभी इन दुकानों की जांच की गई और न कभी रोकथाम के प्रयास किए गए।
पकड़ा जा चुका पाक जासूस
27 नवंबर 2015 को कैंट रेलवे स्टेशन के पास एसटीएफ ने पाक जासूस मो. इजाज को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में खुलासा हुआ था कि इजाज सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारी पाकिस्तान भेजता था। इससे पहले पाक जासूस आरिफ को भी गिरफ्तार किया गया था।
कुख्यात उठा चुके वर्दी का फायदा
पुलिस कस्टडी से फरार हुए कुख्यात कपिल निवासी कसेरू बक्सर को जब पुलिस ने एक माह पहले गिरफ्तार किया तो उसके पास से दरोगा की वर्दी, भारी संख्या में कारतूस, अवैध हथियारों का जखीरा और लालबत्ती लगी लग्जरी कार बरामद हुई थी। खुद कपिल ने कहा था कि वह पुलिस की वर्दी का इस्तेमाल कर फरार हो जाता था। बुलंदशहर में दो साल पहले बदमाशों ने पुलिस की वर्दी पहनकर सराफा शॉप में करोड़ों रुपये की डकैती डाली थी।
ये है कीमत
पुलिस के लिए वर्दी 800 से एक हजार रुपये, शूज 400 से 550 रुपये में मिलते हैं। वहीं, सेना की वर्दी का रेट भी एक हजार रुपये का है। शूज 600 से लेकर 950 तक के हैं। जैकेट का रेट 650 से शुरू होकर 15 सौ रुपये तक है।