आउट सोर्सिंग के 2215 सफाई कर्मियों को संविदा पर रखे जाने की मांग अब आंदोलन में बदल गई है। बुधवार से वाल्मीकि समाज ने नगर निगम में डेरा डाल दिया। जिंदाबाद और मुर्दाबाद के नारों के बीच महिलाओं ने खाना बनाया। सफाई कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी जाती हैं तो जन्माष्टमी के बाद बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।
शहर में 2215 सफाई कर्मी आउट सोर्सिंग सफाई का काम कर रहे हैं। उप्र सरकार ने नगर निगम में 2355 संविदा सफाई कर्मियों की भर्ती खोली है। इसमें आरक्षण लागू किया गया है। 80 हजार से अधिक युवक- युवतियों ने आवेदन किए हैं। नगर निगम में आवेदनों की छटनी का काम चल रहा है। उधर आउट सोर्सिंग के सफाई कर्मियों को संविदा के पदों पर समायोजित करने की मांग को लेकर वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारी नेताओं ने आंदोलन चलाया हुआ है।
चार दिन से निगम में भूख हड़ताल चल रही है। बुधवार को भी निगम में मदन पहलवान, बाल किशन, सुंदरलाल भुरंडा, धर्मपाल और सुरेंद्र भूख हड़ताल पर बैठे। दोपहर 12 तक धरना स्थल पर सफाई कर्मचारियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। महिलाओं ने नगर निगम परिसर में चूल्हा जलाया। महिलाओं ने भोजन बनाया और सभी ने एक साथ बैठकर भोजन किया। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि नगरायुक्त नगर निगम में आए, लेकिन उन्होंने कर्मचारियों की सुध नहीं ली। धरने पर राजू धवन, कैलाश चंदौला, रविन्द्र वेद, रमेश चंद गेरा, दीपक, विनेष विद्यार्थी, अरुण, राजकुमार, मनोज, श्याम टाक, कपिल, मुकेश निर्मोही मौजूद रहे।