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नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा, पुलिस से बर्खास्त सिपाही अरेस्ट

Sun, 18 Dec 2016 06:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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नौकरी दिलाने के नाम पर एक गैंग लंबे समय से जॉब प्रोवाइडर वेबसाइट मॉनस्टर डॉट कॉम का डाटा हैक कर ठगी कर रहा था। एक युवती की शिकायत पर क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने देहरादून से गैंग के सरगना समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गैंग का सरगना उत्तराखंड पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह कई राज्यों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करता है। गिरोह के फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की दबिश जारी है।
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साइबर सेल के प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि मेरठ के थाना कंकरखेड़ा के वंडर सिटी कॉलोनी निवासी शिवानी चौधरी ने अपना रिज्यूमे मोनस्टर डॉट कॉम पर अपलोड किया था। तीन दिन बाद ही उसे एक कंपनी की ओर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने उसे लारज एंड टर्बो कंपनी में मैनेजर के पद पर चयन होने की जानकारी दी। कंपनी के एचआर और एक अधिकारी ने फोन पर इंटरव्यू लिया था। रजिस्ट्रेशन और अन्य चार्ज के नाम पर शिवानी से अलग-अलग खातों में 80 हजार रुपये जमा कराए गए। लंबे समय तक भी नौकरी नहीं मिलने पर शिवानी को ठगे जाने का एहसास हुआ।  इस पर मामले की शिकायत एसएसपी से की गई। एसएसपी के आदेश पर कंकरखेड़ा में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मामले की जांच साइबर सेल ने की तो दोनों आरोपी पकड़ में आए। दोनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने वेबसाइट का डाटा हैक कर युवाओं को कॉल करनी शुरू की थी। इसी के तहत फर्जी आईडी बनाकर शिवानी को सलेक्शन की बात कहते हुए बैंक में पैसे जमा कराए गए।

साइबर सेल के प्रभारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में प्रेमसिंह उर्फ कमलकांत पुत्र चंद्रप्रकाश निवासी आशिंक पंचायत भवन देहरादून हाल पता चंद्रशेखर आजाद कॉलोनी देहरादून और उसका साथी मुकेश चंद पुत्र बीरचंद विद्या विहार फेस-2 थाना पटेल नगर देहरादून हैं। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह यूपी, हरियाणा और उत्तराखंड में नौकरी के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। गैंग का सरगना प्रेमसिंह उत्तराखंड पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। पूछताछ में प्रेमसिंह ने बताया कि वह 2006 में उत्तराखंड पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। दो साल बाद ही एक मामले में उसे बर्खास्त कर दिया गया था।
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