एसटीएफ मेरठ ने 19 जून को कंकरखेड़ा से सिपाही लिखित परीक्षा के दौरान सॉल्वरों सहित 23 लोगों को पकड़ा था। इस गिरोह ने अभ्यर्थियों से पैसा लेकर सॉल्वर बैठाने की प्लानिंग की थी। जिनसे दस लाख रुपये और मोबाइल भी बरामद हुए थे। मास्टरमाइंड शकील ने बताया कि सरगना अरविंद राणा और कवि व एक अन्य युवक हैं। जिसमें अरविंद राणा पहले भी बागपत से जुड़ा हुआ रहा है।
भर्ती बोर्ड को भेजी गई रिपोर्ट
दोनों अभ्यर्थियों की रिपोर्ट भर्ती बोर्ड को भेजी गई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि फिंगर प्रिंट में तो यह हो सकता है कि हाथ हिल गया हो। लेकिन परीक्षा देते समय जो फोटो थे दोनों के चेहरे के फोटो नहीं मिले। जिसके बाद अफसरों को संदेह हो गया कि कहीं सॉल्वर गैंग के सदस्यों या फिर किसी दूसरे अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाया गया है। पूछताछ में एक अभ्यर्थी यह भी नहीं बता पाया कि कौन से हाथ के अंगूठे का निशान है। वहीं, परीक्षा कक्ष में हाजिरी कैसे लगी थी। परीक्षा केंद्र के अंदर की जानकारी भी एक अभ्यर्थी सही तरीके से नहीं बता सका। अफसरों ने जेल भेजने की बात कही तो अभ्यर्थी सकपका गया।
15 प्रतिशत की अनुपस्थिति
दरोगा बनने के लिए लिखित परीक्षा पास करने के बाद नापतौल के लिए भी करीब 15 से 18 प्रतिशत अभ्यर्थी अभी तक मेरठ सेंटर पर अनुपस्थित रहे हैं। जिसमें अफसरों का कहना है कि एक अभ्यर्थी को प्रत्येक प्रक्रिया में बायोमेट्रिक हाजिरी से गुजरना है। जिसमें संदिग्ध पकड़ में आ ही जाएंगे।
प्रथमदृष्टया हो सकती है संलिप्तता
दो अभ्यर्थियों के फोटो मिलान नहीं हुए। प्रथम दृष्टया दोनों की लिखित परीक्षा में संलिप्तता हो सकती है। उच्च अधिकारियों को मामला अवगत कराते हुए भर्ती बोर्ड को रिपोर्ट भेज दी गई है।
-संजीव वाजपेयी, नोडल अधिकारी, भर्ती परीक्षा
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