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यूपी: जांच से पहले ही सामने आया फर्जीवाड़ा, छह मदरसों की एक ही मान्यता

Sat, 20 Oct 2018 06:35 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मदरसों में नकली शिक्षक
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अल्पसंख्यक विभाग के मदरसों में फर्जीवाड़े की शिकायत पर जिलाधिकारी ने दोबारा जांच बैठा दी है। लेकिन जिन मदरसों की जांच होनी है, उसकी सूची में ही फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। सूची में कई मदरसे ऐसे हैं जिन्होंने अपने नाम भिन्न लॉट में दो बार दर्ज करा लिए हैं। यह फर्जीवाड़ा उन्होंने शिक्षक मानदेय के लिए किया है। मामला यूपी के मेरठ जिले का है।

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वहीं जिलाधिकारी द्वारा बैठाई गई जांच को लेकर मदरसा संचालकों में हड़कंप मचा है। 116 मदरसों की जांच के लिए जिला स्तरीय 12 अधिकारियों को नामित किया गया है। 

ये है पूरा मामला
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद आधुनिकीकरण योजना में शामिल मदरसों के भौतिक सत्यापन का आदेश जारी किया गया था। यहां भी तत्कालीन जिलाधिकारी ने प्रत्येक ब्लॉक में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर इनकी जांच के आदेश दिये थे। दो तीन ब्लॉकों में ही जांच पूरी हुई और उसकी रिपोर्ट भी अधिकारी अपने पास दबाकर बैठ गए। इस मामले में आरटीआई के तहत जब सूचना मांगी गई तो खंड शिक्षा अधिकारी, माछरा ने जवाब दिया कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने ही जांच बंद कराई थी, जिस कारण जांच आगे नहीं बढ़ी। अन्य कई खंड शिक्षा अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों ने जवाब दिया था कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से उन्हें मदरसों की सूची उपलब्ध नहीं कराई गई, तो जांच कैसे की जाए। 
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शिकायत पर दोबारा बैठाई जांच 
इस दौरान अल्पसंख्यक विभाग द्वारा आदेश जारी किया गया कि मदरसा संचालक अपने मदरसों की जानकारी पोर्टल पर स्वयं उपलब्ध कराएं, लेकिन जो जानकारी उपलब्ध कराई, उसमें तमाम फर्जीवाड़ा सामने आया। जब जिलाधिकारी से शिकायत हुई, तो उन्होंने दोबारा से जांच बैठा दी। इसमें जिलाधिकारी ने मदरसा आधुनिकीकरण योजना में शामिल 116 मदरसों की सूची जारी की है। मदरसे की मान्यता, भवन और शिक्षकों को लेकर जांच होगी। जांच अधिकारी मदरसे के मुख्य भवन के समक्ष नियुक्त शिक्षकों के साथ फोटो लेकर जांच आख्या के साथ प्रस्तुत करेंगे।

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छह मदरसों की एक ही मान्यता
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा द्वारा जो सूची दी गई उसमें ही फर्जीवाड़ा सामने आ गया। इसमें छह मदरसे ऐसे हैं जिनकी मान्यता तो एक है, लेकिन उन्होंने पांचवीं स्तर और आठवीं स्तर की मान्यताओं को अलग-अलग कर दो लॉट में अंकित कराया है। इन मदरसों में मदरसा बैतुल उलूम किठौर लॉट संख्या 1891 और 2108 पर दर्ज है। इसी तरह मदरसा इस्लामिया कलसूमिया पब्लिक स्कूल किठौर लॉट संख्या 1891 और मदरसा फौकानिया इस्लामिया कलसूमिया किठौर के नाम से लॉट संख्या 1506 पर दर्ज है। मदरसा इस्लामिया मुफीदे आम पूर्वा फैयाजअली लॉट संख्या 2108 और मदरसा मुफीदे आम पूर्वा फैयाज अली के नाम से लॉट संख्या 849 पर दर्ज है। मदरसा हदीसुल कुरआन अरेबिक कालेज ललियाना लॉट संख्या 1446 और उच्च आलिया हदीसुल कुरआन अरेबिक कालेज ललियाना लॉट संख्या 1506 पर दर्ज है। मदरसा हदीसुल कुरआन लिल बनात गर्ल्स ललियाना लॉट संख्या 1891 और आलिया हदीसुल कुरआन लिल बनात गर्ल्स ललियाना लॉट संख्या 849 में दर्ज है। जबकि फौकानिया मदरसा इस्लामिया लिल बनात परीक्षितगढ़ लॉट संख्या 1506 में दर्ज है तो मदरसा इस्लामिया लिल बनात गर्ल्स परीक्षितगढ़ लॉट संख्या 1981 में दर्ज है। 

मेरे द्वारा अधिकारियों को जांच सौंपी गई है। इस बार जिला स्तरीय अधिकारियों को जांच सौंपते हुए उन्हें स्कूल भी अलाट कर दिए गए हैं। ये सभी शीघ्र ही सभी बिंदुओं पर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेंगे। उसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। -अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी

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