हत्या के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह कई थानों की फोर्स के साथ अस्पताल पहुंच गए। यहां पर सचिन के शव कब्जे में लेने को लेकर पुलिस और समर्थकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। इसी बीच डीएम पीके पांडेय और एसएसपी बबलू कुमार ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार को कार्रवाई का भरोसा दिया।
मगर भीम आर्मी के समर्थकों ने दोनों अधिकारियों पर आरोपों की झड़ी लगा दी। काफी देर तक पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी होती रही। इसी बीच पुलिस ने फिर से शव को मोर्चरी में रखने का प्रयास किया तो भीम आर्मी समर्थक आक्रोशित हो गए। उनके बीच फिर धक्का-मुक्की हो गई। पुलिस ने शव को किसी प्रकार मोर्चरी में रखवाया। देर शाम तक जिला अस्पताल में हंगामा होता रहा।
पुलिस वीडियो के सहारे घटना पर उठा रही सवाल
मंडलायुक्त चंद्र प्रकाश त्रिपाठी और पुलिस उप महानिरीक्षक शरद सचान ने बताया कि पूरे रामनगर क्षेत्र में कड़े सुरक्षा प्रबंध थे। अब तक की जांच में किसी अन्य द्वारा गोली मारने के साक्ष्य नहीं मिले। पता चला कि सचिन को घर के पास संदिग्ध हालात में गोली लगी है।
जिलाधिकारी पीके पांडेय और एसएसपी बबलू कुमार की मौजूदगी में फोरेंसिक टीम ने मौके पर सड़क से खून धोने के साक्ष्य भी जुटाए हैं। आला अफसरों ने एक वीडियो भी मीडिया को जारी किया है। इसमें वालिया के घर की सड़क पर खून की बूंदें दूर तक दिखाई दे रही हैं, जबकि दूसरे फुटेज में पूरी गली को पानी से धोया गया है।
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