खतौली में ट्रेन हादसे में क्षतिग्रस्त कोच और पड़ा कचरा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
रेलवे महकमे के अधिकारी अभी तक ट्रेन हादसे में हुए क्षतिग्रस्त कोचों और कचरे को नहीं हटवा सका है। इनकी सुरक्षा व्यवस्था को आरपीएफ लगी हुई है। वहीं, दुघर्टनास्थल पर बनाए गए नए रेलवे ट्रैक के स्लीपरों के नीचे पत्थरों को सेट करने के लिए गैंगमैन लगे हुए हैं। इसी कारण ट्रेनों की रफ्तार को बढ़ाया नहीं जा रहा है।
19 अगस्त को उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसा हुआ था, जिसमें मरने वाले यात्रियों की संख्या 26 तक पहुंच गई है। एक सौ यात्री घायल हो गए थे। हादसे में 12 कोच क्षतिग्रस्त हो गए और रसोईयान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। कोचों के पहिए और कचरा बिखर गया था। रेलवे विभाग के कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त कोचों और कचरों को एक साइड में लगा दिया था। आज भी क्षतिग्रस्त कोच और कचना ज्यों का त्यों उसी जगह पर पड़ा हुआ है। रेलवे मंत्रालय ने अभी तक इसको नहीं हटवाया है। ट्रेनों में सफर करने वाले यात्री क्षतिग्रस्त कोचों और कचरे की मोबाइल से वीडियो बनाते रहते हैं। उसी दिन से इनकी सुरक्षा को आरपीएफ के जवान लगे हुए हैं।
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उधर, दुर्घटनास्थल पर बनाए गया नया रेलवे ट्रैक पूरी तरह से फिट नहीं हुआ है। अब गैंगमैन इस ट्रैक के स्लीपरों में पत्थरों को सेट करने का काम कर रहे हैं। अभी भी इस ट्रैक से कॉशन लेकर सभी ट्रेनों को दस किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ही निकलवाया जा रहा है।
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