ये है पूरा मामला
जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने डायट प्राचार्य छोटा मवाना मेरठ को छह मदरसों की जांच सौंपी थी। जिसमें पांच मदरसों की जांच तो हुई, लेकिन एक मदरसा मोमिन उल उलूम अमरौली उर्फ बड़ा गांव के संचालक जांच के दौरान मदरसा बंद कर चले गए। पांच मदरसों की जांच में जिला प्रोबेशन अधिकारी को शिक्षक नियुक्ति में बड़ा खेल मिला।
मदरसा इरफानउल उलूम अमरौली में दो शिक्षकों की नियुक्ति दर्शायी है। एक शिक्षक बीए अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र और हिंदी विषय में है, लेकिन उन्हें गणित विषय पढ़ाने के लिए नियुक्त किया है। एक शिक्षिका बीए समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र और उर्दू के साथ एमए उर्दू है, लेकिन उन्हें अंग्रेजी विषय पढ़ाने के लिए नियुक्त किया है।
इसी तरह मदरसा फैज-ए-आम नंगला हरेरू में विज्ञान विषय के लिए नियुक्त शिक्षक की योग्यता बीए हिंदी, अंग्रेजी और राजनीति शास्त्र है। गणित के शिक्षक की योग्यता बीए अंग्रेजी, समाजशास्त्र और शिक्षा है। मदरसा फैजुल इस्लाम मवाना खुर्द में हिंदी के शिक्षक की योग्यता एमए इतिहास है।
अंग्रेजी विषय के शिक्षक की योग्यता बीए समाजशास्त्र, उर्दू व राजनीति शास्त्र है। मदरसा हुसैनिया नंगला ऐजदी में शिक्षक एमए राजनीति शास्त्र में है और हिंदी विषय के लिए नियुक्त है। सामाजिक अध्ययन की शिक्षिका की योग्यता एमए उर्दू है तो अंग्रेजी विषय की शिक्षिका की योग्यता एमए हिंदी है।
मदरसा हमिदियां महलका में विज्ञान के शिक्षक की योग्यता एमए बीएड है। मदरसा मेहमूदियां में गणित के शिक्षक की योग्यता एमए बीएड है। मदरसा हुसैनिया इस्लामियां अरबिया कैली में भी गणित के शिक्षक एमए है तो मदरसा हाफिज सदररुद्दीन रूहासा गणित के शिक्षक ही हिंदी पढ़ा रहे हैं। मदरसा अरबिया रसीदुल कुरआन सरधना में अंग्रेजी के शिक्षकों की योग्यता एमकॉम है।
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