गंगा एक्सप्रेस वे पर जमीन अधिग्रहण के विरोध में मेरठ पीएम की रैली में जा रहे थे
-किसान नहीं माने तो पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका
-काफी प्रयास के बाद वापस लौटे
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। गंगा एक्सप्रेस वे पर प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के लिए 291 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण के विरोध में 16 माह से धरने पर बैठे चार गांव के किसान रविवार को ट्रैक्टरों से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से मिलने जाने लगे। खरखौदा पुलिस ने किसानों के ट्रैक्टरों को थाने के सामने रोक लिया। किसानों ने विरोध किया लेकिन पुलिस की सख्ती के चलते किसान धरना स्थल पर लौट गए।
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे मेरठ में औद्योगिक गलियारे के लिए दूसरे चरण की 291 हैक्टेयर भूमि अधिग्रहण के विरोध में गांव छतरी, खड़खड़ी, गोविंदपुर व खरखौदा के किसान पिछले 16 माह से खरखौदा में ही छतरी मोड पर लगातार धरने पर बैठे हैं। किसानों का कहना है कि वह अपनी जमीन नहीं देना चाहते। अपनी मंशा को प्रशासन और शासन तक अपनी मंशा जाहिर कर कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। मुख्यमंत्री तक उनकी मांग नहीं पहुंचाई जा रही।
रविवार को मेरठ आ रहे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने के लिए किसान सुबह ही धरना स्थल पर पहुंच गए। जैसे ही किसान अपने-अपने ट्रैक्टर लेकर किसान सौपाल सिंह के नेतृत्व में प्रधानमंत्री की रैली की ओर जाने लगे तो पुलिस ने उनका हल्का विरोध किया। किसान नहीं माने बाद में पुलिस ने थाने के सामने रोड पर बैरिकेड लगाकर किसानों का रास्ता बंद कर दिया।
इसे लेकर किसानों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस से प्रधानमंत्री की रैली में जाने की अपील की लेकिन पुलिस के सामने किसानों की एक न चली। दोनों पक्षों की वार्ता के बाद बाद में किसान वापस धरना स्थल पर लौट गए। इस मौके पर राजकुमार ,कृपाल सिंह, लीलू नागर, ऋषिपाल, कपिल त्यागी, नीरज त्यागी, सुनील त्यागी, ब्रजपाल प्रधान, संतरपाल, सोमवीर सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।