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Meerut News: आश्वासन पूरे न होने पर रूबी के भाई ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी

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कपसाड़ मामले में मांग पूरी नहीं होने पर वीडियो में मांग करते हुए नरसी। क्लिप
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गांव कपसाड़ से मां की हत्या कर बेटी का अपहरण किए जाने का मामला
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना (मेरठ)। थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या और बेटी रूबी के अपहरण से जुड़े मामले में पीड़ित परिवार ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर किए गए वादे पूरे न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका के बड़े बेटे नरसी ने वीडियो जारी कर अपनी पीड़ा सार्वजनिक की है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
आठ जनवरी की सुबह कपसाड़ गांव निवासी सुनीता पर गांव के ही पारस सोम ने जानलेवा हमला कर दिया था। आरोप है कि हमलावर महिला की बेटी रूबी को अपहृत कर ले गया था। गंभीर घायल सुनीता को मोदीपुरम स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई थी। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण गांव और आसपास के क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी।
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महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया था। करीब 18 घंटे बाद भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम द्वारा हरसंभव सहायता का आश्वासन दिए जाने पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए थे। उस समय जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को कुल 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, पिस्टल का लाइसेंस, भूमि का पट्टा और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का भरोसा दिलाया था। तत्काल राहत के रूप में 10 लाख रुपये का चेक भी सौंपा था।
परिजनों का आरोप है कि घटना को डेढ़ माह से अधिक समय बीतने के बावजूद शेष घोषणाओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वीडियो में नरसी ने पूर्व विधायक पर फोन कॉल न उठाने और मदद के नाम पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। साथ ही प्रशासन पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि 10 लाख रुपये का चेक देने के बाद किसी अधिकारी ने उनकी सुध नहीं ली। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस सुरक्षा के नाम पर उन्हें घर से बाहर नहीं जाने दे रही है जिससे रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पशुओं के लिए चारा तक समाप्त हो चुका है। वीडियो के माध्यम से परिवार ने प्रशासन से किए गए वादों को जल्द पूरा करने की मांग की है।
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एसडीएम उदित नारायण सेंगर का कहना है कि उन्हें वीडियो जारी होने की जानकारी नहीं है। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को दी जाने वाली सहायता के संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। स्वीकृति मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीओ आशुतोष कुमार का कहना है कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा को देखते हुए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। परिवार के आवागमन पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है।
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