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दोबारा मतगणना कराने की मांग को लेकर हंगामा, गांव भैंसा का मामला

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दोबारा मतगणना कराने की मांग को लेकर हंगामा, गांव भैंसा का मामला
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मवाना। पंचायत चुनाव की मतगणना सोमवार देररात तक भी जारी रही। कहीं दोबारा मतगणना कराने को लेकर तो कहीं मत कैंसिल करने को लेकर दिन-भर मतगणना स्थल पर हंगामा होता रहा। गांव निलोहा में आपस में मत पत्र मिलने को लेकर कहासुनी हुई तो गांव भैंसा में दोबारा मतगणना कराने को लेकर हंगामा कर रहे प्रत्याशियों पर पुलिस को लाठियां भी फटकारनी पड़ी।
रविवार देर रात 2:30 बजे के आसपास उस समय मतगणना स्थल के बाहर हालात बिगड़ गए जब गांव भैंसा के प्रधान पद की मतगणना दोबारा कराए जाने को लेकर कुछ महिला व पुरुषों ने हंगामा व पथराव कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने डंडे फटकार भीड़ को दौड़ा लिया। पुलिस प्रधान पद के एक प्रत्याशी को हिरासत में लेकर थाने ले आई। सोमवार सुबह काफी संख्या में महिला-पुरुष थाने व तहसील पर पहुंचे। लेकिन किसी अधिकारी के नहीं मिलने पर लौट गए।
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बताया गया है कि टेबल नं. एक पर गांव भैंसा के प्रधान पद की प्रत्याशियों की मतगणना चल रही थी। रात 2:30 बजे के आसपास प्रधान पद के प्रत्याशी श्रवण कुमार पक्ष के लोगों ने दोबारा मतगणना कराए जाने की मांग की है। नहीं कराए जाने पर मतगणना केंद्र के बाहर काफी संख्या में महिला व पुरुष एकत्र हो गए तथा हंगामा करना शुरू कर दिया।
पुलिस ने समझाने का प्रयास किया तो आरोप है कि पथराव किया गया। जिस पर पुलिस ने भीड़ को डंडे फटकार कर दौड़ा लिया। वहीं श्रवण को हिरासत में लेकर थाने ले आए। श्रवण पक्ष के लोगों का आरोप था कि वार्ड नं. 10 की पूरी मतपेटी ही कैंसिल कर दी। कारण मय काउंटर फाइल के बैलेट था। आरोप था कि पीठासीन अधिकारी की गलती को भी उनके सिर मढ़ा जा रहा है। जब दोबारा मतगणना कराने की मांग की तो पुलिस ने गाली गलौच करते हुए डंडे मारे। जिसमें श्रवण की पत्नी पूनम तथा बहन गुलप्रभा सहित कई महिलाएं घायल हो गई। वहीं गुलप्रभा ने बताया कि पुलिस की पिटाई से सुदेश नाम की महिला बेहोश हो गई थी। जिसको बामुश्किल बचाया गया। सीएम पोर्टल पर भी शिकायत करने का प्रयास किया गया, लेकिन वहां भी तकनीकी कमी के चलते शिकायत नहीं कर सके।
नवनिर्वाचित प्रधान ने बताया जान को खतरा
मवाना। गांव भैंसा से दूसरी बार लगातार विजयी हुई प्रधान उमेश देवी ने देर रात करीब 2:30 बजे घोषणा होने के बाद पति के साथ जान को खतरा बताया। उन्होंने एसडीएम और थाना प्रभारी से सुरक्षा की गुहार लगाई, लेकिन सुरक्षा नहीं मिली।
गांव भैंसा निवासी उमेश लगातार दूसरी बार ग्राम प्रधान निर्वाचित हुई हैं। प्रमाण पत्र लेने के बाद वे पति विलियम के साथ मतगणना स्थल पर मौजूद एसडीएम व थाना प्रभारी के पास पहुंची तथा जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा में घर छुड़वाने की मांग की। जिस पर अधिकारियों ने बताया कि हंगामा करने वाला हिरासत में है। कुछ नहीं होगा। आराम से घर जाइए। नवनिर्वाचित प्रधान को सुरक्षा नहीं मिलने पर वह घर चली गई।
मतगणना बूथों पर दिनभर होती रही कहासुनी
जानीखुर्द। जानी ब्लॉक में पंचायत चुनाव की मतगणना सोमवार शाम तक भी जारी थी। सोमवार सुबह आठ बजे ड्यूटी बदलने पर मतगणना कर्मी कम संख्या में पहुंचे। जिस कारण मतगणना का काम रुक गया। किसी प्रकार 10 बजे कर्मियों की संख्या पूरी कर मतगणना शुरू करवाई गई। वहीं, दिनभर में कई बार मतगणना बूथों पर कहासुनी हुई। पुलिस ने किसी प्रकार मामला शांत करवाया। जानी के मतगणना केंद्र पर एसपी क्राइम दिनभर मौजूद रहे। शाम सात बजे तक आधा दर्जन गांवों की मतगणना का काम जारी था। वहीं, मतगणना की धीमी गति को लेकर कई बार प्रत्याशियों ने हंगामा किया। शाम के समय टेबल बढ़ाकर मतगणना के काम में तेजी लाने का प्रयास किया गया।
तीन बूथों के मतों को लेकर रही गहमागहमी
मवाना। टेबल नंबर आठ पर बूथ नंबर 13, 14 व 15 के मतों को लेकर सोमवार सुबह से ही गहमा गहमी रही। कई बार वार्ड नंबर तीन से रालोद प्रत्याशी ईशा चौधरी के पति ने निर्वाचन अधिकारी के पास जाकर विरोध जताया। दोपहर में हंगामे की स्थिति बनती देख निर्वाचन अधिकारी ने इन मतों को सस्पेंड करने और इन्हें गिनती में शामिल नहीं करने की बात कही तो मामला शांत हुआ।
टेबल नंबर आठ पर जिला पंचायत वार्ड नंबर तीन के भाजपा समर्थित प्रत्याशी संदीप प्रधान तथा रालोद प्रत्याशी ईशा चौधरी आदि जिला पंचायत सदस्यों की मतगणना का कार्य चल रहा था। ईशा चौधरी की ओर से पति विश्वास चौधरी एजेंट थे। उनका कहना था कि वार्ड नंबर 13 बड़ा गांव जिला पंचायत के वार्ड तीन का हिस्सा है। जबकि इसी गांव का वार्ड नंबर 14 व 15 जिला पंचायत के वार्ड नंबर पांच का हिस्सा है। ये लगभग 500 मत हैं। जिन्हें मिला दिया गया है।
इन सभी मतों को जिला पंचायत वार्ड नंबर तीन में गिना जा रहा है, जो गलत है। इसे लेकर कई बार विश्वास चौधरी ने निर्वाचन अधिकारी से विरोध दर्ज कराया। जब बात बनती नहीं दिखी तो दोपहर के समय हंगामे के हालात बन गए। ईशा चौधरी के समर्थकों ने निर्वाचन अधिकारी को घेर लिया। मांग थी कि या तो इन मतों को निरस्त किया जाए या फिर सब में बराबर बांट दिया जाए। जिसके बाद निर्वाचन अधिकारी द्रुण कुमार ने कहा कि इन मतों को गिनती में शामिल नहीं किया जाएगा। जिसके बाद ईशा चौधरी के समर्थक संतुष्ट हुए तथा मामला शांत हुआ।
मतों को गिनती में शामिल न करने का विरोध
जिला पंचायत वार्ड संख्या पांच की बसपा समर्थित प्रत्याशी डॉ. साधना ने निर्वाचन अधिकारी द्वारा बड़ा गांव वार्ड नंबर 14 व 15 पर मिले मतों को गिनती में शामिल नहीं किए जाने का विरोध करते हुए इसे गलत बताया। उन्होंने इसका काफी विरोध किया। निर्वाचन अधिकारी ने इस संबंध में एडीएम प्रशासन से मिलने को कहा। जिसके बाद वे वहां से चली गई।
मतपत्र आपस में मिलने की शिकायत दी
मवाना। गांव निलौहा के ग्राम पंचायत सदस्य वार्ड नंबर तीन से सोनू कुमार तथा वार्ड नंबर चार से रविंद्र ने निर्वाचन अधिकारी से लिखित में शिकायत करते हुए कहा है कि रविवार को मतगणना के दौरान उक्त वार्डों के मतपत्र आपस में मिल गए थे। एआरओ ने बिना क्रमांक सूचि को देखे एक पक्षीय फैसला दे दिया। जो जनहित में नहीं है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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वार्ड 32 से जिला पंचायत निर्दलीय प्रत्याशी ने बनाई बढ़त
परीक्षितगढ़। जिला पंचायत चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी भाजपा समर्थित प्रत्याशी पर भारी रहे। वार्ड नंबर 32 से निर्दलीय प्रत्याशी विकास उपाध्याय ने भारी बढ़त बनाई हुई है। वही दूसरी और वार्ड नंबर 33 से सपा समर्थित प्रत्याशी विपिन भड़ाना जीत की तरफ चल रहे हैं। वार्ड नंबर 31 से निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. विरेश भारी मतों से आगे चल रहे हैं।
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