खरखौदा (मेरठ)। गाजियाबाद के गोरक्षा दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने हापुड़ रोड स्थित पूर्व सांसद शाहिद अखलाक की मीट फैक्टरी से गोमांस निर्यात का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मौके पर पुलिस के साथ प्रशासनिक और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की टीम पहुंची। करीब आठ घंटे की जांच के बाद सभी टीमें बिना किसी कार्रवाई वापस चली गईं। डीएम ने प्राथमिक जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिलने की बात कही है। हालांकि कागजात और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है।
गाजियाबाद के गोरक्षा दल के प्रमुख सुमित शर्मा रविवार सुबह संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ हापुड़ रोड स्थित पूर्व सांसद शाहिद अखलाक की अल साकिब लिमिटेड मीट फैक्टरी पर पहुंचे। फैक्टरी से गोमांस का निर्यात होने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि कुछ दिन पहले नोएडा के एक कोल्ड स्टोर से मांस का कंटेनर पकड़ा गया था। कंटेनर में करीब 28 टन पैक हुआ मीट था। पुलिस ने कोल्ड स्टोर के कई कर्मचारियों और कंटेनर चालक को गिरफ्तार कर कार्रवाई की थी। कोल्ड स्टोर में रखा करीब 300 टन मीट सील कर दिया था। उन्होंने दावा किया कि लैब की जांच में पता चला कि कंटेनर में गोमांस था। यह गोमांस नोएडा की एक मीट एक्सपोर्ट कंपनी का था। वह मीट कंपनी शाहिद अखलाक की मीट कंपनी से जुड़ी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यहां भी शाहिद अखलाक की फैक्टरी से गोमांस निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने फैक्टरी की जांच कराने की मांग की। वहां मेरठ और हापुड़ के विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के कार्यकर्ता मौके पहुंच गए। मामला बढ़ता देख सीओ कोतवाली आशुतोष कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे जांच की मांग पर अड़ गए। इसके बाद पशु चिकित्सा विभाग और प्रदूषण विभाग की टीम अल साकिब प्राइवेट लिमिटेड मीट फैक्टरी पर पहुंची।
कार्यकर्ताओं को साथ लेकर की जांच
कार्रवाई न होने पर गोरक्षा और वीएचपी संगठन के कार्यकर्ता ने अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया।टीमें जांच के लिए अंदर जाने लगी तो हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने अपनी मौजूदगी में जांच की मांग की। इस पर अधिकारियों ने कुछ कार्यकर्ताओं को भी अपने साथ ले लिया। कुछ कार्यकर्ता बाहर खड़े होकर जांच पूरी होने का इंतजार करते रहे। इस कार्रवाई के दौरान पूर्व सांसद शाहिद अखलाक भी फैक्टरी पहुंच गए।
प्राथमिक जांच में कोई गड़बड़ नहीं मिली: डीएम
शिकायत पर अल साकिब मीट फैक्टरी में विभिन्न अधिकारियों को भेजकर जांच कराई गई। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि निर्यात के लिए वहां कोई कटान या पैकिंग नहीं हो रही है। फैक्टरी से पिछला कनसाइनमेंट अक्तूबर माह में गया था। कागजात और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- दीपक मीणा, जिलाधिकारी