- घर पहुंचा कारोबारी और पत्नी का शव, कालोनी में पसरा मातम
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संवाद न्यूज एजेंसी मेरठ। सोनीपत के कुंडली-मानेसर- पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस वे पर शनिवार शाम दर्दनाक सड़क हादसे में हुई मेरठ के कारोबारी पवन गर्ग (65) उनकी पत्नी शकुंतला देवी (62) और बेटी अंजू बंसल (43) की मौत के बाद रविवार को शव टीपीनगर स्थित गणपति एंकलेव में उनके घर पहुंचे। एंबुलेंस से शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। उनकी मौत की खबर सुनकर परिचित व रिश्तेदारों सहित काफी संख्या में उधमी उनके घर पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी। कारोबारी दंपती की मौत से कॉलोनी मे भी गमगीन माहौल बना है। परिवार के अन्य सदस्यों के साथ-साथ रिश्तेदारों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। मूलरूप से हरियाणा के रोहतक निवासी पवन गर्ग परिवार के साथ टीपीनगर की वेदव्यासपुरी स्थित गणपति कालोनी में रहते है। पवन गर्ग की रोहटा में गर्ग ग्रीन एनर्जी प्राईवेट लिमिटेड नाम से फैक्टरी है, जिसमें बेटा विनोद गर्ग काम में उनका हाथ बंटाता है। परिजनों के अनुसार, शनिवार को पवन गर्ग पत्नी शकुंतला और बेटी अंजू के साथ परिवार से मिलने रोहतक जा रहे थे। कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेस-वे पर पीपली टोल प्लाजा पार करने के बाद उनकी कार सड़क किनारे खड़े ईंटों से भरे ट्रक से टकरा गई। हादसा इतना भयंकर था कि उनकी कार आगे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने पवन गर्ग, शकुंतला और बेटी अंजू को मृत घोषित कर दिया। हादसे में पवन गर्ग का भांजा शिवम निवासी यमुनानगर भी गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसका दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है।
रविवार दोपहर जैसे ही पवन गर्ग और शकुंतला के शव घर पहुंचे तो कालोनी में चीख पुकार मच गई। दोनों की अर्थी एक साथ उठी तो मौके पर मौजूद लोगों की आंखे नम हो गई। रविवार शाम को दोनों को सूरजकुंड स्थित शमशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंजू बंसल का शव दिल्ली ससुराल में भेजा गया। कालोनी के लोगों ने बताया कि पवन गर्ग आरएसएस से जुड़े थे और सामाजिक कार्यों में रूचि रखते थे। रिश्तेदारों और आस पड़ोस में रहने वाले लोगों का बुरा हाल था। -