कार्रवाई पर हो गया था स्टे : 26 अक्तूबर को सचिव एमडीए ने आदेश किया कि फैक्टरी के इस भाग को सील कर दिया जाए। इमरान की अपील पर 27 दिसंबर को शासन ने कार्रवाई पर रोक लगा दी। सुनवाई के बाद अब शासन ने अपने ही स्टे को आगे बढ़ाने से इंकार कर दिया है। एमडीए एवं आयुक्त के पारित आदेशों में किसी प्रकार के हस्तक्षेप का कोई अवसर नहीं है।
भू उपयोग की जांच में खुला खेल
भू उपयोग की जांच में स्पष्ट हुआ कि फैक्टरी में हरित क्षेत्र में निर्मित क्षेत्रफल 2322.81 वर्गमीटर है। औद्योगिक क्षेत्र में निर्मित क्षेत्रफल 1878.62 वर्गमीटर जबकि सार्वजनिक उपयोग की भूमि में निर्मित क्षेत्रफल 30702.40 वर्गमीटर है।
हरित क्षेत्र में निर्मित क्षेत्रफल 2322.81 वर्गमीटर को पूरी तरह से अवैध माना गया। आयुक्त ने आदेश दिया कि प्रत्यावेदक खुद निर्माण हटा ले तो ठीक, नहीं तो एमडीए हटाए और उसका खर्चा भी फैक्टरी संचालक से ही वसूले। इस निर्णय पर फिर से अपील कर दी गई।
हम अब एक्शन कर सकेंगे
स्टे निरस्त होने पर हम अब अल फहीम पर एक्शन कर सकेंगे। मैंने इस बाबत अधिकारियों से कहा है कि तत्काल इसे सील करने केलिए तारीख तय कर प्रक्रिया शुरू कर दें। -साहब सिंह, वीसी एमडीए