उत्तर प्रदेश की बिजनौर पुलिस और एसओजी की टीम ने नकली नोट बनाकर बाजार में उतारने वाले दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के पास से 2.90 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ अधबने नकली नोट, जाली मुद्रा बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं। गैंग काफी दिनों से नकली नोटों को बाजार में उतार रहा था।
एसपी उमेश कुमार के मुताबिक कोतवाली देहात पुलिस और एसओजी की टीम ने नगीना के मोहल्ला मनिहारी सराय निवासी शाउज्मा, कोतवाली देहात के गांव शहबाजपुर निवासी लईक अहमद को गिरफ्तार किया है। इनका एक साथी नगीना के मोहल्ला कलालान निवासी अजमल पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने पकड़े गए लईक और शाउज्मा से 2.90 लाख रुपये के नकली नोट और अधबने नोट, नकली नोट बनाने के उपकरण बरामद किए। गैंग काफी दिनों से नकली नोट बना रहा था।
शाउज्मा ने पुलिस को बताया कि लईक अपने गांव में घर पर लगा रखी मशीन से नकली नोट बनाता था। एक लाख के नकली नोट बाजार में चलाने पर 25 हजार रुपये शाउज्मा को देता था। किरतपुर थाने के भनैड़ा गांव में बाबू और शमशाद के माध्यम से शाउज्मा चार लाख रुपये के नकली नोट चला चुका था। शाउज्मा 2004 में कोतवाली देहात क्षेत्र में हुए अजाजुद्दीन की हत्या में जेल भी गया था। शाउज्मा पर रासुका भी लगी थी। लईक नकली नोट बनाने के मामले में रुड़की, रामपुर जिले में भी पकड़ा जा चुका है। अब तक वह जेल में बंद था। चार जनवरी को वह बाहर आया था। इसके बाद शाउज्मा के साथ नकली नोटों के कारोबार में जुड़ गया।
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