उनके साथ मेरठ का ही एक अन्य कामगार भी आया था, जो अब फरार है। पुलिस ने बताया कि करीब चार घंटे तक मामले का दबाए रखा गया। सुबह छह बजे साथी कामगारों ने शव देखा था, लेकिन ठेकेदार ने मौके पर पहुंचने तक पुलिस को सूचना नहीं देने को कहा। करीब 10 बजे डायल-112 पर सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची।
जांच के दौरान पुलिस को कमरे से शराब की खाली बोतलें मिलीं हैं। कमरे में एक कुकर भी मिला है, जिसमें खिचड़ी थी, लेकिन उसे खाया नहीं गया था। पुलिस को आशंका है कि तीनों कामगारों ने देर रात कमरे में शराब पी थी और खाना बनाने के दौरान किसी बात पर विवाद हो गया। जांच में सामने आया कि दोनों मृतकों के सिर के पीछे गंभीर चोट के निशान हैं। पुलिस को कमरे से एक फावड़ा भी मिला है।
आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने पीछे से फावड़े से हमला कर दोनों को गंभीर रूप से घायल किया और बाद में धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी। कमरे की स्थिति देखकर लगता है कि वारदात देर रात करीब 12 बजे के आसपास हुई।
हत्या के बाद आरोपी करीब चार घंटे तक शवों के साथ कमरे में ही मौजूद रहा। सुबह करीब चार बजे वह हॉस्टल के मुख्य गेट तक पहुंचा। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने इतनी सुबह बाहर जाने का कारण पूछा तो उसने शौच जाने की बात कही और बाहर निकलकर फरार हो गया।
मोबाइल फोन न होने से जांच में चुनौती
घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र, डीसीपी ग्रेटर नोएडा डॉ. प्रवीण रंजन सिंह, एडीसीपी सुधीर कुमार और नॉलेज पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतकों और आरोपी में से किसी के पास मोबाइल फोन नहीं था। ऐसे में पुलिस लोकेशन ट्रेस नहीं कर पा रही है। अब पुलिस हॉस्टल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस ने मृतक इंद्र के बहनोई से तहरीर मांगी है।
दो दिन पूर्व ही नोएडा गया था फिटकरी से शीशपाल
फिटकरी गांव निवासी शीशपाल दो दिन पहले ही गांव से नोएडा में काम करने गया था। उसने अगले सप्ताह घर आने के बात कही थी। परिजनों के अनुसार, पिता दौलतराम गांव में मजदूरी करते हैं। शीशपाल चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था। इसके चलते परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते उसने जल्द कमाना शुरू कर दिया था।
पहले वह गांव में मजदूरी करता था। कुछ दिन पहले वह नोएडा निवासी ठेकेदार योगेश के संपर्क में आया। जिसके बाद उसने ज्यादा कमाने के लिए नोएडा में काम करने की ठानी। बीते छह मई को ही वह काम के लिए नोएडा चला गया।
उसने गुरुवार दोपहर में घर पर बात की थी और एक सप्ताह बाद घर आने को कहा था। परिजनों के अनुसार पुलिस द्वारा घटना की जानकारी दी गई। वहीं, इंचौली पुलिस ने भी उनसे संपर्क किया। पिता ने भी जयभीम नगर निवासी अभिषेक पर हत्या का आराेप लगाया गया है। उधर, अब्दुलापुर के नई बस्ती में इंद्र उर्फ धर्मेंद्र की हत्या की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम छा गया। उसकी पत्नी रीमा और चारों बच्चों का रोकर बुरा हाल हो गया है। संवाद
दोनों मृतकों के साथ कमरे में ठहरा तीसरा कामगार वारदात के बाद से गायब है। प्रथम दृष्टया उसी पर हत्या का शक है। पुलिस जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा करेगी। - राजीव नारायण मिश्र, अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था, गौतमबुद्ध नगर