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शामली : विद्यालय से लापता तीन छात्राओं का कोई सुराग नहीं, परिजनों का रो रो कर बुरा हाल

Mon, 23 Jul 2018 10:26 AM IST
शामली में विद्यालय से तीन छात्राएं लापता, परिजनों का रो रो कर बुरा हाल
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बालिकाओं के बारे में जानकारी लेते पुलिसकर्मी व एसओजी के जवान - फोटो : अमर उजाला
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अभिभावक अपनी बेटियों को जिनके सहारे पढ़ने के लिए विद्यालय में भेजते हैं, वह बेहद लापरवाह हैं। लापरवाही का ऐसा ही सनसनीखेज मामला यूपी के शामली में सामने आया है जहां कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की तीन छात्राएं लापता हो गईं। घटना के बाद से जहां छात्राओं के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है वहीं विद्यालय स्टाफ और वार्डन की लापरवाही भी सामने आ रही है। पुलिस की कई टीम छात्राओं की तलाशी में जुटी हैं।
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अपने घर भी नहीं पहुंची छात्राएं

आदर्श मंडी थाना क्षेत्र में बनत कस्बा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की तीन छात्राएं शनिवार शाम को लापता हो गईं। लापता छात्राएं कक्षा छह, सात और आठ में पढ़ती हैं। इनमें दो सगी बहने हैं। घटना के बाद विद्यालय का स्टाफ करीब चार घंटे तक इन्हें तलाशता रहा, बाद में पुलिस को सूचना दी गई। रात करीब साढ़े नौ बजे जिला अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह और पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार भी मौके पर पहुंचे मामले की जानकारी ली। तीन छात्राओं में दो छात्राएं गांव खानपुर की रहने वाली सगी बहने हैं। उनके गांव में भी पुलिस भेजकर जानकारी कराई गई लेकिन वह वहां भी नहीं पहुंची थी। 

वार्डन भी विद्यालय से गैर हाजिर थी, बीएसए ने बताया कि वार्डन ने उनसे कोई छुट्टी स्वीकृत नहीं कराई है। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस की टीमें छात्राओं की तलाश कर रही है, इस मामले में जो भी दोषी होगा उनपर कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे तीनों छात्राएं विद्यालय के गेट से बाहर जाती दिख रही है।  जिसके बाद से छात्राओं का कोई सुराग नहीं है। डीएम और एसपी भी विद्यालय पहुंच गए। 

 

अवकाश स्वीकृति के बिना ही छुट्टी पर थी वार्डन

जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह और पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार ने काफी देर तक विद्यालय में स्टाफ से जानकारी हासिल की। इसी दौरान पता चला कि विद्यालय की वार्डन आज बाहर गई हुई थी और अपनी जिम्मेदारी विद्यालय के एक शिक्षक को सौंप गई। इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गीता वर्मा से वार्डन के अवकाश के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अधिकारियों को बताया कि वार्डन ने उनसे अवकाश स्वीकृति नहीं ली। ऐसे में सवाल उठता है कि जब विद्यालय की जिम्मेदारी संभालने वाली वार्डन ही लापरवाही बरतेंगी, तो विद्यालय में पढ़ने वाली बालिकाओं की रखवाली आखिर कौन करेगा? 

जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि छात्राओं के लापता होने का मामला गंभीर है। पुलिस मामले की जांच करने में लगी हुई है। प्रकरण में विद्यालय की वार्डन अथवा जिस कर्मी की लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।  

सीसीटीवी में जाती दिखाई दी छात्राएं  
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय से लापता हुई तीन छात्राओं में दो सगी बहनें हैं, जबकि तीसरी छात्रा भी उनके पास के गांव की है। शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे वह तीनों छात्राएं विद्यालय से बाहर निकलीं। अधिकारियों ने जब सीसीटीवी फुटेज देखी, तो उसमें विद्यालय के गेट पर लगे सीसीटीवी में छात्राएं बाहर जाती दिखाई दे रही हैं।
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परिजनों का रो रोकर बुरा हाल  

लापता हुई छात्राओं के परिजन भी सूचना मिलने पर विद्यालय पहुंच गए थे। छात्राओं में दो सगी बहनों की मां का रो रोकर बुरा हाल हो गया। वह कहती रही कि मेरी बेटियां कहां चली गई, उन्हें ढूंढकर लाओ। 
 
कई घंटे तक दबाए रखा मामला  
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की तीनों छात्राएं साढ़े चार बजे लापता हुई। इसके बावजूद विद्यालय स्टाफ ने मामला दबाए रखा। पहले तो वह खुद ही छात्राओं को तलाशने में जुटे रहे, लेकिन पुलिस को सूचना देने का प्रयास तक नहीं किया गया। बाद में जब छात्राएं नहीं मिली, तो रात करीब साढ़े आठ बजे के बाद पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद आदर्श मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
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