अलीपुर गांव निवासी विशेष पुत्र ओमवीर अपने परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर वाराणसी जा रहे थे। कार में पत्नी डोली, बेटा कार्तिक और अक्ष, बेटी अंशिका और नवनीत सवार थे। घर से निकलते समय किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उनकी अंतिम यात्रा बन जाएगी।
बृहस्पतिवार सुबह आजमगढ़ जिले के मुबारिकपुर क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कार आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी भयावह थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। सूचना मिलते ही पुलिस और राहतकर्मी मौके पर पहुंचे। कार को काटकर घायलों को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक तीन जिंदगियां हमेशा के लिए खामोश हो चुकी थीं।
एक पल में उजड़ गया परिवार
विशेष के परिवार की खुशियों की तैयारी एक पल में मातम में बदल गईं। वाराणसी जाने की योजना में बच्चों के उत्साह और धार्मिक आस्था का समावेश था। नवनीत के लिए रिश्ते की बातचीत होनी थी, परंतु हादसे ने इस योजना को हमेशा के लिए रोक दिया। गांव के लोग अभी भी हादसे की दहशत से उबर नहीं पाए हैं।
विशेष के छोटे भाई दिनेश की गंभीर चोटों के कारण पहले से ही परिवार दुख में था। अब इस हादसे ने परिवार के सदस्यों और पूरे गांव के लिए गहरे दुख का पहाड़ खड़ा कर दिया है। ग्रामीण बताते हैं कि विशेष अपने बच्चों के भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करता था। बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतों के लिए अपने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का त्याग करता था। उसकी असमय मौत ने न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव के लोगों की आंखों में आंसू भर दिए हैं।
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