रोहतक से फर्जी आधार कार्ड के जरिए किराए पर थार गाड़ी लेकर उसकी नकली आरसी बनाकर बेचने आए शातिर गैंग के तीन सदस्यों को हरियाणा पुलिस ने मेरठ के परतापुर इलाके से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गाजियाबाद निवासी राजेंद्र, दीपक शर्मा और चेतन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी छिपे लाई गई थार गाड़ी भी बरामद कर ली है और परतापुर थाने में कानूनी लिखा-पढ़ी की कार्रवाई पूरी की है।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि कुछ दिन पहले रोहतक के कलानौर थाने में एक ट्रैवल्स एजेंसी संचालक ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गैंग फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से पहले लग्जरी गाड़ियां किराए पर लेता था। इसके बाद उन गाड़ियों की फर्जी आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) और जाली इंश्योरेंस समेत कई फर्जी पेपर तैयार कर उन्हें दूसरे शहरों में बेच देता था।
इस बार भी आरोपियों ने थार गाड़ी को किराए पर लिया था, लेकिन गाड़ी में जीपीएस लगा होने के कारण उनकी पोल खुल गई। जीपीएस लोकेशन के आधार पर रोहतक पुलिस गाजियाबाद से ही इनका पीछा करते हुए आ रही थी। जैसे ही आरोपियों की लोकेशन मेरठ की तरफ मिली, पुलिस ने स्थानीय इनपुट के साथ परतापुर में घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया।
एसपी सिटी ने बताया कि हरियाणा पुलिस तीनों आरोपियों को कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर अपने साथ रोहतक लेकर रवाना हो गई है। यह गैंग अब तक कितनी कारें चोरी कर फर्जी आरसी बनाकर बेच चुका है और मेरठ में इन्होंने पहले कोई गाड़ी बेची है या नहीं, इस बारे में हरियाणा पुलिस पूछताछ कर रही है। हरियाणा पुलिस स्थानीय अधिकारियों के नंबर भी ले गई है, ताकि जांच के बाद नए तथ्यों से अवगत कराया जा सके।
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