विकास खंड कार्यालय के निकट एक बैंक्वेट हॉल में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 76 लोगों को पात्रता की सूची में शामिल किया गया था, जबकि 125 लोगों ने विवाह के लिए आवेदन किया था। जांच पड़ताल के बाद 76 जोड़ों को पात्रता की सूची में शामिल किया गया। इसके बाद भी 68 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। पात्रता की सूची में शामिल आठ जोड़े कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
एक गांव निवासी दुल्हन और उसके परिजन कार्यक्रम में पहुंचे, लेकिन वर नहीं पहुंचा। बताया गया कि लड़का सुबह ही घर से कहीं चला गया। इसके अलावा अन्य पात्र जोड़े कार्यक्रम शामिल नहीं हो सके।
बीडीओ विशाखा सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में 68 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया, जिसमें 17 जोड़े मुस्लिम रहे। एक ही पंडाल में मुस्लिम जोड़ों का निकाह पढ़ाया गया।
वहीं दूसरी ओर मंत्रोच्चारण के साथ हिंदू जोड़ों का विवाह कराया गया। कार्यक्रम में वर-वधू पक्ष के लोग शामिल हुए। एसडीएम मोनालिसा जौहरी ने कन्याओं को जरूरी सामान, चेक वितरित कराए।
इस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी विनीत मलिक, एडीओ समाज कल्याण सुधीर बालियान, एडीओ पंचायत अरुण कुमार, ग्राम विकास अधिकारी अवधेश पुंडीर, सलमान, संजीव कुमार, दीपक ध्रुव आदि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में अव्यवस्था नजर आई।