गन्ना क्रय अधिनियम के तहत मिल में सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर भुगतान करना होता है। इसके बाद भुगतान करने पर 15 फीसदी की दर से बकाया गन्ना मूल्य पर ब्याज देने का प्रावधान है। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा और भाकियू के जिला महासचिव चौधरी अशोक कुमार कहते हैं कि सरकार समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान कराए, ऐसा नहीं होने पर बकाया पर ब्याज दिलाना सुनिश्चित करे।
सभी चीनी मिलों को नोटिस भेजे गए हैं। मिल चीनी बेचकर भुगतान कर रही हैं। कोताही बरतने वाली शुगर मिलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी, जिला गन्ना अधिकारी
शुगर मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य
शुगर मिल ----------- बकाया
देवबंद -------------- 56.31 करोड़ रुपये
गांगनौली --------- 235.47 करोड़ रुपये
शेरमऊ ------------- 94.06 करोड़ रुपये
गागलहेड़ी ---------- 73.51 करोड़ रुपये
नानौता ------------ 102.87 करोड़ रुपये
सरसावा ------------- 66.06 करोड़ रुपये
(नोट: गन्ना विभाग के 23 मार्च के आंकड़ों के अनुसार)