मेरठ के लिसाड़ीगेट अहमदनगर के मकान और कांशीराम कॉलोनी के फ्लैट में संचालित असलहा फैक्टरी से दूसरे राज्यों तक अवैध हथियारों की तस्करी की जा रही थी। फैक्टरी संचालन और तस्करी कर रहे गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, हरियाणा तक फैला हुआ है। लिसाड़ी गेट पुलिस ने शनिवार रात फैक्टरी से अधबने अवैध हथियार, उन्हें बनाने के उपकरण व औजार बरामद कर अहमद नगर निवासी सरगना साजिद, समर कालोनी निवासी रिहान, नावेद और कय्यूम को गिरफ्तार कर रविवार को खुलासा किया है। वहीं, कांशीराम कॉलोनी में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है।
रविवार शाम को पुलिस लाइन सभागर में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने प्रेसवार्ता कर बताया कि मुखबिर की सूचना पर अहमद नगर गली एक मोती मस्जिद के पास साजिद के मकान पर सीओ कोतवाली की टीम ने दबिश दी थी। यहां से गिरफ्तार किए गए साजिद ने बताया कि समर गार्डन निवासी इरशाद किराये पर रहकर हथियार आपूर्ति करता था। हरियाणा की फरीदाबाद पुलिस ने शुक्रवार को फैक्टरी में तैयार की गई पिस्टल के साथ इरशाद को गिरफ्तार किया था। एसएसपी डा. विपिन ताडा ने भी रविवार दोपहर को लिसाड़ीगेट थाने पहुंचकर अवैध हथियारों की फैक्टरी चलाने वाले बदमाशों से पूछताछ की।
ये सामान किया बरामद
पुलिस ने फैक्टरी से 06 अर्द्धनिर्मित पिस्टल 32 बोर, 05 पिस्टल बॉडी, 14 बॉडी प्लेट, 12 पिस्टल स्लाइड, 15 स्लाइड प्लेट, 02 शिकंजा, 02 बड़ी आरी, 05 ब्लेड, 06 लकड़ी की पिस्टल बट चाप, 22 रेती, 01 पेचकस, 05 फायरिंग पिन बनाने वाली रॉड, 02 बिट होल्डर, 06 बिटलॉक, 27 बिट, 03 रिन्च, 01 बड़ी ड्रिल मशीन, 06 मैग्जीन की स्प्रिंग्र, 04 रिकॉलिंग स्प्रिंग, 05 ट्रिगर स्प्रिंग, 50 फायरिंग पिन स्प्रिंग, 01 हथौड़ा, 04 पिस्टल लॉक आदि सामान बरामद किया है।
एक तस्कर और दो असलाह फैक्टरी के खुलासे
लिसाड़ी गेट पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि आरोपी अपराधियों को हथियारों की बिक्री करते थे। वे पूर्व में समर गार्डन निवासी फरमान, शबनम पत्नी सगीर, अली, कोतवाली निवासी अमन उर्फ बल्लू, ब्रह्मपुरी निवासी सादान उर्फ पकौड़ी और तारापुरी निवासी माशूक को हथियार बेच चुके हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस ने भी माशूक को गिरफ्तार करने के बाद कांशीराम कॉलोनी के फ्लैट में चल रही अवैध असलाह फैक्टरी का खुलासा किया है। माशूक दोनों फैक्टरियों से हथियार लेकर दूसरे राज्यों तक तस्करी करता था।
मौलाना को पकड़ने पर थाने में हंगामा
लिसाड़ीगेट के जिस मकान में असलाह फैक्टरी चल रही थी, उसके बराबर मकान में रहने वाले एक मस्जिद के मौलाना को पुलिस ने पकड़ा और थाने लाकर पूछताछ की। इस पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने थाने में हंगामा किया। हालांकि पूछताछ के बाद पुलिस ने मौलाना को छोड़ दिया।