अपराधी चाहे कितना ही शातिर क्यों न हो, कोई न कोई सुबूत छोड़ देता है। कर्ज में डूबे एक युवक ने दोस्त की हत्या कर खुद की मौत होने की चर्चा फैला दी। तेजाब से शव को जलाया, ताकि उसकी पहचान न हो सके। पुलिस ने टेलर के स्टीकर से शव की पहचान की और हत्याकांड का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामला उजागर हुआ तो हर कोई हैरान हुआ था। आरोपी ने बताया था कि उसने ‘अंधा कानून’ फिल्म से यह आइडिया लिया था।
ऐसे खुला था हत्याकांड
27 जून 2017 को दिल्ली रोड स्थित साईंपुरम कॉलोनी के पीछे अधजला शव मिला था। शव के पास मोबिन निवासी मोहल्ला इत्तफाक नगर लिसाड़ी गेट का आधार कार्ड और एक शर्ट मिली थी। तत्कालीन इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी अजय अग्रवाल ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मोबिन के घर इसकी जानकारी दी। मोबिन के परिजनों ने शव की शिनाख्त मोबिन के रूप में की। शव के पास एक अधजली शर्ट मिली थी। जिस पर एक टेलर का स्टीकर था। पुलिस को शक हुआ कि जब शर्ट मोबिन की मिली तो अधजली शर्ट किसकी है। पुलिस ने इस स्टीकर से टेलर का पता लगाया। टेलर ने बताया कि आरिफ निवासी शानदार कॉलोनी लिसाड़ी गेट ने यह शर्ट सिलवाई थी।